JAC 12th Political Science Exam 2025 : Important ऑब्जेक्टिव और सब्जेक्टिव प्रश्न उत्तर के साथ, परीक्षा से पहले रटलो
JAC बोर्ड कक्षा 12 राजनीति विज्ञान परीक्षा 01 मार्च 2025 को होगी। परीक्षा में अच्छे अंक पाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण ऑब्जेक्टिव और सब्जेक्टिव प्रश्नों का संकलन यहां दिया गया है। यह प्रश्न बैंक पिछले वर्षों के पेपर और विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए चुनिंदा सवालों पर आधारित है।
ऑब्जेक्टिव प्रश्नों में MCQs, Fill in the Blanks और सही-गलत प्रकार के सवाल शामिल हैं, जो परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं। वहीं, सब्जेक्टिव प्रश्नों में 2, 3, 5 और 8 अंकों के विस्तृत उत्तर सहित महत्वपूर्ण सवाल दिए गए हैं। इससे परीक्षा पैटर्न को समझने और बेहतर तैयारी में मदद मिलेगी।
अच्छे अंक पाने के लिए अपने रिवीजन को मजबूत बनाएं। सही रणनीति और अभ्यास से 90%+ अंक पाना संभव है!
JAC Board 12th Political Science Important Question Answer 2025
बहुविकल्पीय प्रश्न :-
1. शीत युद्ध कब समाप्त हुआ?
A. 1949
B. 1939
C. 1991
D. 1945
उत्तर: C. 1991
2. पहला गुटनिरपेक्ष सम्मेलन कहां हुआ?
A. हवाना
B. बेलग्रेड
C. नई दिल्ली
D. कोलंबो
उत्तर: B. बेलग्रेड
3. किस देश ने नाटो में अमेरिकी नेतृत्व का विरोध किया था?
A. पश्चिम जर्मनी
B. इटली
C. ब्रिटेन
D. फ्रांस
उत्तर: D. फ्रांस
4. बोल्शेविक क्रांति का नेतृत्व किसने किया था?
A. लेनिन
B. स्टालिन
C. चर्चिल
D. ख्रुश्चेव
उत्तर: A. लेनिन
JAC Board Class 12 Study Material
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5. शॉक थेरेपी को कब अपनाया गया?
A. 1992
B. 1990
C. 1994
D. 1991
उत्तर: B. 1990
6. मिखाइल गोर्बाचेव कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव कब बने?
A. 1985
B. 1989
C. 1987
D. 1981
उत्तर: A. 1985
7. अमेरिका के विश्व व्यापार केंद्र पर आक्रमण कब हुआ?
A. 9 सितंबर 2008
B. 11 सितंबर 2001
C. 11 नवंबर 2001
D. 9 नवंबर 2001
उत्तर: C. 11 नवंबर 2001
8. अमेरिकी वर्चस्व का कारण है?
A. उसकी सैन्य शक्ति
B. उसकी आर्थिक शक्ति
C. उसकी सांस्कृतिक शक्ति
D. उपरोक्त सभी
उत्तर: D. उपरोक्त सभी
9. कंप्यूटर युग को क्या कहा जाता है?
A. अमेरिका युग
B. भारत-पाक युग
C. युद्ध युग
D. इनमें से कोई नहीं
उत्तर: C. युद्ध युग
10. खुली दरवाजे की नीति को किसने अपनाया?
A. अमेरिका
B. चीन
C. यूरोपीय संघ
D. जापान
उत्तर: B. चीन
11. किस देश के अड़ंगा के कारण भारत परमाणु आपूर्ति समूह (एन एस जी) का सदस्य नहीं बन पाया?
A. चीन
B. बेल्जियम
C. फ्रांस
D. अमेरिका
उत्तर: A. चीन
12. आसियान के संस्थापक सदस्य देशों की संख्या क्या है?
A. 8
B. 10
C. 5
D. 7
उत्तर: C. 5
13. अंतरराष्ट्रीय न्यायालय कहां अवस्थित है?
A. हेग
B. लंदन
C. पेरिस
D. न्यूयॉर्क
उत्तर: A. हेग
14. एक ध्रुवीय विश्व में संयुक्त राष्ट्र संघ पर किस देश का सबसे अधिक प्रभाव है?
A. चीन
B. संयुक्त राज्य अमेरिका
C. जापान
D. रूस
उत्तर: B. संयुक्त राज्य अमेरिका
15. वैश्वीकरण किस विचारधारा पर आधारित है?
A. साम्यवाद
B. उदारवाद
C. समाजवाद
D. अराजकतावाद
उत्तर: B. उदारवाद
16. भारत में किस प्रधानमंत्री ने आर्थिक उदारीकरण को शुरू किया?
A. अटल बिहारी वाजपेयी
B. मनमोहन सिंह
C. वी. पी. सिंह
D. पी वी नरसिम्हा राव
उत्तर: D. पी वी नरसिम्हा राव
17. राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी समस्या थी?
A. देसी रियासतें
B. गरीबी
C. अशिक्षा
D. इनमें से कोई नहीं
उत्तर: A. देसी रियासतें
18. किस ब्रिटिश योजना द्वारा भारत के विभाजन का प्रस्ताव दिया गया?
A. क्रिप्स मिशन योजना
B. माउंटबेटन योजना
C. कैबिनेट मिशन योजना
D. शिमला प्रस्ताव
उत्तर: B. माउंटबेटन योजना
19. भारत के किस राज्य में तेलुगु देशम पार्टी सक्रिय है?
A. महाराष्ट्र
B. आंध्र प्रदेश
C. पंजाब
D. गुजरात
उत्तर: B. आंध्र प्रदेश
20. भारत में चुनाव कराने के लिए कौन उत्तरदायी है?
A. राष्ट्रपति
B. प्रधानमंत्री
C. सर्वोच्च न्यायालय
D. भारत का चुनाव आयोग
उत्तर: D. भारत का चुनाव आयोग
21. भारतीय जनता पार्टी के प्रथम अध्यक्ष कौन थे?
A. दीनदयाल उपाध्याय
B. अटल बिहारी वाजपेयी
C. श्यामा प्रसाद मुखर्जी
D. इनमें से कोई नहीं
उत्तर: B. अटल बिहारी वाजपेयी
22. समाजवादी नेता थे?
A. नरेंद्र देव
B. राम मनोहर लोहिया
C. जयप्रकाश नारायण
D. इनमें से सभी
उत्तर: D. इनमें से सभी
23. "मेक इन इंडिया" का नारा किसने दिया?
A. नरेंद्र मोदी
B. राजीव गांधी
C. जवाहरलाल नेहरू
D. इनमें से कोई नहीं
उत्तर: A. नरेंद्र मोदी
24. पर्यावरण की सुरक्षा के लिए पहला अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन कहां हुआ था?
A. रियो डी जनेरो
B. क्योटो
C. बाली
D. स्टॉकहोम
उत्तर: D. स्टॉकहोम
25. ग्रीन हाउस गैस संबंधित है?
A. औद्योगिक वृद्धि से
B. विश्व बाजार से
C. वैश्विक व्यापार से
D. इनमें से सभी
उत्तर: A. औद्योगिक वृद्धि से
अति लघु उत्तरीय प्रश्न :-
1. शीत युद्ध से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: संयुक्त राज्य अमेरिका तथा सोवियत संघ के बीच वह तनावपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक स्थिति जो द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद 1945 ई. से 1990 ई. तक जारी रही, शीत युद्ध कहा जाता है।
2. उदारीकरण क्या है?
उत्तर: उदारीकरण एक ऐसी विचारधारा है जिसमें अंततः प्रत्येक वस्तु, व्यक्ति और विचार को स्वतंत्र रूप से प्रवाहित होने अथवा आने जाने की छूट होती है। उदारीकरण को वैश्वीकरण का संवैधानिक पक्ष कहा जा सकता है।
3. हरित क्रांति क्या थी?
उत्तर: हरित क्रांति खाद्य उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा प्रवर्तित की गई तकनीक थी। इसके अंतर्गत अपने देश की कृषि में आधुनिक विकास के लिए उन्नत बीज, कीटनाशक और रासायनिक उर्वरक का प्रयोग के परिणामस्वरूप अनाजों के उत्पादन में वृद्धि हुई।
4. श्वेत क्रांति क्या है?
उत्तर: हरित क्रांति की भारी सफलता देखने के बाद भारत सरकार ने ऑपरेशन फ्लड की शुरुआत की, जिसे श्वेत क्रांति के रूप में जाना जाता है। भारत में श्वेत क्रांति की शुरुआत दूध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से हुई।
5. खुली अर्थव्यवस्था क्या है?
उत्तर: खुली अर्थव्यवस्था का आशय होता है अर्थव्यवस्था पर राज्य का कम से कम हस्तक्षेप तथा विश्व की अन्य अर्थव्यवस्थाओं के साथ स्वतंत्र लेनदेन व्यवस्था।
6. चिपको आंदोलन से क्या अभिप्राय है?
उत्तर: 1973 ई. में भारत के उत्तराखंड राज्य में किसानों ने वृक्षों की कटाई का विरोध करने के लिए 'चिपको आंदोलन' किया था। इस आंदोलन का नाम चिपको आंदोलन इसलिए पड़ा क्योंकि गाँव की महिलाओं एवं लोगों ने पेड़ों से चिपक कर विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं और पुरुषों ने चिपको आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिनमें सुंदरलाल बहुगुणा, गौरा देवी, सुरेश देवी, बचनी देवी, चंडी प्रसाद भट्ट, गोविंद सिंह रावत, रामवीर सिंह बिष्ट आदि कार्यकर्ता शामिल थे।
7. वैश्वीकरण से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: वैश्वीकरण का तात्पर्य विश्व के विभिन्न समाजों और अर्थव्यवस्थाओं के एकीकरण से है। यह उत्पादों, विचारों, दृष्टिकोणों, विभिन्न सांस्कृतिक पहलुओं आदि के आपसी विनिमय के परिणाम से उत्पन्न होता है।
8. गठबंधन सरकार से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: जब चुनाव में किसी दल को स्पष्ट बहुमत प्राप्त नहीं होता है तब कई दल आपसी सहयोग से सरकार बनाते हैं। दूसरे शब्दों में वैसी सरकार जो एक से अधिक दलों से बनी हो गठबंधन सरकार कहलाती है। इस प्रकार के सरकार में किसी एक दल को प्रभुत्व नहीं रहता।
9. आसियान (ASEAN) की स्थापना कब हुई थी और इसकी प्रारंभिक सदस्य देशों की संख्या क्या थी?
उत्तर: आसियान (ASEAN) की स्थापना 8 अगस्त 1967 ई. में हुई थी। इसकी प्रारंभिक सदस्य देशों की संख्या पाँच थी, जो निम्न हैं - इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर तथा थाईलैंड।
10. ऑजोन परत क्या है?
उत्तर: वायुमंडल में ओजोन परत को कवच माना जाता है। ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करती है और पृथ्वी पर जीवों के संरक्षण में सहायक होती है। पर्यावरण प्रदूषण एवं क्लोरोफ्लोरो कार्बन (CFC) गैस से यह क्षीण हो सकती है।
लघु उत्तरी प्रश्न :-
1. कोरिया संकट का वर्णन करें?
उत्तर: द्वितीय विश्वयुद्ध में जापान एवं कोरिया ने सोवियत संघ के समर्थन और दक्षिण कोरिया ने अमेरिका के समर्थन आत्मसमर्पण किया, उत्तर कोरिया में साम्यवादी और दक्षिण कोरिया में पूंजीवादी शासन की स्थापना हुई। 1950 में उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया पर आक्रमण कर दिया। कोरियाई युद्ध वस्तुतः दोनो कोरियाई का युद्ध ना होकर साम्यवादी और पूंजीवादी गुट के बीच युद्ध बन गया। साम्यवादी गुट में सोवियत संघ और चीन प्रमुख सदस्य राष्ट्र थे। अमेरिका ने सुरक्षा परिषद में सोवियत संघ के बहिष्कार का लाभ उठाकर संयुक्त राष्ट्र संघ से उत्तर कोरिया को आक्रामक घोषित कर दिया तथा विश्व शांति की रक्षा के नाम पर उसके विरुद्ध सैनिक कार्रवाई का प्रस्ताव पास कर दिया। संयुक्त राष्ट्र संघ के कार्यवाही की आड़ में अमेरिकी जनरल मैकआर्थर के नेतृत्व में कोरिया पर आक्रमण कर दिया गया। यह गुटनिरपेक्ष देशों के मध्यस्थता से 1953 ई. में समाप्त हुआ।
2. नई विश्व व्यवस्था क्या है?
उत्तर: अमेरिका एक नई विश्व व्यवस्था स्थापित करना चाहता था जो राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के शब्दों में आतंक के भय से मुक्त हो सके तथा जिसमें शांति एवं सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके। 2 अगस्त 1990 को इराक ने कुवैत पर आक्रमण कर मात्र 6 घंटे में उस पर अधिकार कर लिया और उसे अपना 19वां प्रांत घोषित कर दिया। इराक के कुवैत को खाली करने के लिए ममदौहा बुइनों की राजनीतिक कोशिशें जब नाकाम हो गईं तो संयुक्त राष्ट्र संघ ने कुवैत को मुक्त कराने के लिए बल प्रयोग की अनुमति दी। अमेरिकी नेतृत्व में बहुराष्ट्रीय सेना बनाई गई। संयुक्त राष्ट्र के झंडे तले उसका व्यापक विस्तार हुआ। अमेरिकाी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इसे नई विश्व व्यवस्था की संज्ञा दी।
3. पंचशील क्या है? इसके सिद्धांतों को लिखें?
उत्तर: भारत के शुरुआती दौर में चीन के साथ मित्रता संबंध थी। इस मित्रता को बढ़ावा देने के लिए 1954 ई. में चीन के प्रधानमंत्री चाऊ एन लाई भारत की यात्रा पर आए। इसी दौरान भारत और चीन के बीच समझौता हुआ। इस समझौते में पांच सूत्र रखे गए, जिसे पंचशील सिद्धांत के नाम से जाना जाता है।
इसके पाँच सिद्धांत निम्नलिखित हैं—
- एक दूसरे की प्रभुसत्ता व प्रादेशिक अखंडता एवं संप्रभुता का सम्मान करना।
- एक दूसरे पर आक्रमण न करना।
- दूसरे के घरेलू मामलों में हस्तक्षेप न करना।
- समानता व परस्पर लाभ।
- शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का सिद्धांत।
4. द्वि-राष्ट्र सिद्धांत क्या था?
उत्तर: द्वि-राष्ट्र सिद्धांत का अर्थ है कि हिंदू और मुसलमान दो अलग-अलग समुदाय हैं, इन दोनों के हित अलग-अलग हैं; अतः वे एक साथ नहीं रह सकते। उनके लिए दो अलग-अलग राष्ट्र की जरूरत है। मुस्लिम लीग ने 1946 में अपने लाहौर अधिवेशन में इसी सिद्धांत के आधार पर मुस्लिम राज्य की मांग कर दी। यह एक विभाजनकारी नीति है।
इसी के तहत आगे चलकर 1940 ईस्वी में मुस्लिम लीग ने पाकिस्तान की स्थापना की प्रस्ताव पारित कर दिया, पर व्यक्तित्व विरोधाभासों एवं स्वार्थी नीतियों के कारण लंबे समय तक यह साकार नहीं हो सका। इसका परिणाम यह हुआ कि 14 और 15 अगस्त 1947 को बंटवारा कर पाकिस्तान का गठन कर दिया गया। इसने ही जगह-जगह दंगे भड़काए और हिंदू और मुसलमान एक दूसरे के दुश्मन बन गए।
5. नक्सलवादी आंदोलन से आप क्या समझते हैं?
उत्तर: 1967 में पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के नक्सलबाड़ी थाने में एक किसान विद्रोह हुआ। इस विद्रोह का नेतृत्व मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के स्थानीय कैडर के लोगों ने किया था। नक्सलबाड़ी थाने से शुरू हुआ यह आंदोलन भारत के कई राज्यों में फैला गया। इस आंदोलन को नक्सलवादी आंदोलन कहा जाता है।
1969 में नक्सलवादी सीपीआई(एम) से अलग हो गए और उन्होंने सीपीआई(माले) (कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया - माक्र्सवादी-लेनिनवादी) के रूप में एक नई पार्टी चंद्र मऊद्रिक की नेतृत्व में बनाई गई। पार्टी के कैडर ने भारत में लंबी अवधि तक छापामार युद्ध करने की विचारधारा को लागू किया। यह गुरिल्ला युद्ध की रणनीति अपनाते हैं। वर्तमान में 9 राज्यों के लगभग 75 जिले नक्सलवाद से प्रभावित हैं।
6. 'विश्व की साझी विरासत' का क्या अर्थ है? इसका दोहन और प्रदूषण कैसे होता है?
उत्तर: साझी संपदा, उन संसाधनों को कहते हैं जिन पर किसी एक का नहीं बल्कि पूरे समुदाय का अधिकार होता है। इसी प्रकार विश्व के कुछ हिस्से और क्षेत्र किसी एक देश के संसाधन अधिकार में नहीं होते हैं। इसलिए उनका प्रबंधन साझे तौर पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा किया जाता है। वैश्विक संपदा को मानवता की साझी विरासत कहा जाता है।
विश्व की साझी विरासत के दोहन और प्रदूषण के तरीकों में वायुमंडल में औद्योगिक गैसों की मात्रा में वृद्धि एक बड़ा कारण है। ऐसा प्रदूषण संपूर्ण विश्व को प्रभावित करता है और जलवायु परिवर्तन में योगदान देता है।
अंटार्कटिक क्षेत्र के कुछ हिस्से अवशेष पदार्थों जैसे तेल और खनिज के अपने प्राकृतिक रूप में रहने के बावजूद, यहाँ पर मानवीय गतिविधियों के कारण प्रदूषण हो रहा है। समुद्रों में प्लास्टिक और जहरीले कचरे के निस्तारण से समुद्री पारिस्थितिकी पर गंभीर प्रभाव पड़ रहे हैं।
7. संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव के क्या कार्य हैं?
उत्तर: संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव के कार्य-
A. संयुक्त राष्ट्र संघ के कर्मचारियों की नियुक्ति करता है और उनके वेतन, भत्ते, छुट्टी आदि के संबंध में नियम बनाता है।
B. वह अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर नियंत्रण रखता है।
C. वह संयुक्त राष्ट्र संघ का बजट तैयार करता है।
D. महासभा महासभा एवं सुरक्षा परिषद की बैठकों को बुलाता है तथा इसके निर्णयों को क्रियान्वित करता है।
E. वह विभिन्न सदस्य देशों की शांति स्थापना हेतु संगठन द्वारा किए गए प्रयत्नों का पर्यवेक्षण करता है।
F. वह अंतरराष्ट्रीय एवं विशेष सम्मेलनों में संयुक्त राष्ट्र संघ का प्रतिनिधित्व करता है तथा वह भी मीडिया के माध्यम से महासभा एवं सुरक्षा परिषद को आवश्यक जानकारी प्रदान करता है।
G. वह विश्व समस्याओं की जांच पड़ताल करता है और मध्यस्थता का सही समाधान निकालने का प्रयत्न करता है तथा वह महासभा को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करता है।
8. शाहबानो प्रकरण क्या है?
उत्तर: शाहबानो प्रकरण 1985 का एक ऐतिहासिक मामला है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने 62 वर्षीय शाहबानो को अपने पति मोहम्मद अहमद खान से गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया। यह मामला मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों और न्यायपालिका बनाम धार्मिक कानून के टकराव का प्रतीक बना। बाद में, सरकार ने मुस्लिम महिला (तलाक पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 1986 पारित कर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को निष्प्रभावी कर दिया।
9. अयोध्या विवाद के बारे में संक्षेप में लिखें।
उत्तर: अयोध्या विवाद: 16वीं सदी में मीर बाकी द्वारा अयोध्या में बनाई मस्जिद के बारे में कहा गया कि यह मस्जिद मंदिर को तोड़कर बनाई गई। यह मामला अदालत में गया और 1940 के दशक में ताला लगा दिया गया। बाद में जब ताला खुला तो इस मुद्दे पर वोट बैंक की राजनीति हुई। 6 दिसंबर 1992 को मस्जिद का ढांचा तोड़ दिया गया। इसके कारण देश में सांप्रदायिक हिंसा फैली और 1993 में मुंबई में दंगे हुए। विवाद की जांच के लिए लिब्रहान आयोग का गठन किया गया।
10. नव उपनिवेशवाद को परिभाषित करें।
उत्तर: नव उपनिवेशवाद एक ऐसी अवधारणा है, जिसके अंतर्गत एक समृद्ध एवं शक्तिशाली देश किसी कमजोर देश पर सीधे आर्थिक शोषण ना करके उसको अप्रत्यक्ष रूप से शोषण करता है। ऐसा वह कमजोर देश को आर्थिक सहायता देकर उस देश की नीतियों तथा उस देश में होने वाली राजनीतिक गतिविधियों पर नियंत्रण स्थापित करता है तथा उन नीतियों एवं गतिविधियों को अपने लाभ हेतु लागू करता है। अतः ऐसा माना जा सकता है कि नव उपनिवेशवाद पुराने उपनिवेशवाद का एक नया रूप है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न :-
1. शीत युद्ध काल में भारत की भूमिका का वर्णन करें?
उत्तर: शीत युद्ध काल में भारत की निम्नलिखित भूमिका थी -
- भारत ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन के नेता के रूप में शीत युद्ध काल में अपनी भूमिका निभाई।
- भारत ने स्वयं को दोनों महाशक्तियों संयुक्त राज्य अमेरिका एवं सोवियत संघ के गुटबंदी से अलग रखा।
- भारत शीतयुद्धकालीन प्रतिस्पर्धा को कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मामलों में हस्तक्षेप करने के पक्ष में था।
- भारत ने दोनों महाशक्तियों के सैन्य गुटों तथा शस्त्रों की होड़ की कड़ी निंदा की और निरस्त्रीकरण पर बल दिया।
- भारत ने दोनों गुटों के बीच मौजूद मतभेदों को कम करने की कोशिश की और मतभेदों की पूर्णावाप्ति शांति पूर्ण माध्यमों से करने का प्रयास किया।
- भारत ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन में शामिल अन्य सदस्यों को भी संतुलन में बनाए रखा।
- शीत युद्ध के दौरान भारत ने लगातार उन क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों को विकसित करने की कोशिश की जो अमेरिका या सोवियत संघ के गुट से जुड़े नहीं थे।
भारत ने सदैव शीतयुद्ध की निंदा की तथा अंतरराष्ट्रीय शांति स्थापित करने के समर्थन किया, जिससे भारत को विश्व में अपना महत्वपूर्ण स्थान बनाने का अवसर मिला।
2. भारत चीन संबंधों का वर्णन करें।
उत्तर: भारत ने चीन के साथ अपने रिश्तों की शुरुआत बड़े ही दोस्ताना ढंग से की। चीनी क्रांति 1949 में हुई। इस क्रांति के बाद भारत, चीन की कम्युनिस्ट सरकार को मान्यता देने वाले प्रथम देशों में एक था। पश्चिमी प्रभुत्व के चंगुल से निकलने वाले इस देश को लेकर नेहरू के हृदय में गहरे भाव थे और वे उसके प्रति आदर की भावना रखते थे।
शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के पंच सिद्धांत यानी पंचशील की घोषणा भारत के प्रधानमंत्री नेहरू और चीन के प्रमुख चाऊ एन लाई ने संयुक्त रूप से 29 अप्रैल 1954 में की थी। यह भारत-चीन संबंधों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना थी। चाऊ एन लाई जब भारत आए, तब देश के लोग देश कर रहे थे और उनके स्वागत में बड़ी भीड़ जुटी थी।
लेकिन चीन के साथ भारत के इस दोस्ताना रिश्ते में कुछ कारणों से दरारें आने लगीं। चीन ने 1950 में तिब्बत पर कब्जा कर लिया। इस प्रकार चीन और चीन के बीच ऐतिहासिक रूप से जो एक मध्यवर्ती राज्य चला आ रहा था, वह खत्म हो गया।
शुरू-शुरू में भारत सरकार ने चीन के इस कदम का खुले तौर पर विरोध नहीं किया। हालांकि, तिब्बत की स्वतंत्र पहचान को धीरे-धीरे जब अतिक्रमण किया जाने लगा, वैसे ही भारत को बेचैनी भी होने लगी। तिब्बत के धार्मिक नेता दलाई लामा को भारत में शरण दे दी गई। वर्ष 1959 में भारत ने उन्हें शरण दे दी। चीन ने इसे अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के रूप में आक्रमण लगाया।
इससे कुछ दिनों पहले भारत और चीन के बीच एक सीमा विवाद भी उत्पन्न हुआ था। भारत की उत्तरी सीमा पर लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश की स्थिति को लेकर मतभेद थे। चीन ने अक्साई चीन पर अपना दावा ठोक दिया।
1957 से 1959 के बीच चीन ने अक्साई चीन में सड़क पर कब्जा कर लिया। इसी समय सीमा पर कई झड़पें हुईं। चीन ने 1962 के अक्टूबर में दोनों विवादित क्षेत्रों (अक्साई चीन और अरुणाचल प्रदेश) पर बड़ी तेजी तथा व्यापक स्तर पर हमला कर दिया। अरुणाचल प्रदेश के कुछ महत्वपूर्ण इलाकों पर कब्जा कर लिया तथा असम के मैदानी हिस्से तक प्रवेश कर लिया। चीन सी तिब्बत पहुंच गई और चीन ने एकतरफा युद्धविराम घोषित कर दिया।
चीन युद्ध से भारत की छवि दो देश तथा विदेश दोनों ही जगह धक्का लगा। चीन युद्ध से भारतीय राष्ट्रीय स्वाभिमान को चोट पहुंची, लेकिन इसके साथ-साथ राष्ट्र-भावना भी बलवती हुई।
कुछ प्रमुख सैन्य कमांडरों ने तो इस्तीफा दे दिया या अवकाश ग्रहण कर लिया। नेहरू के व्यक्तिगत सहकारी भी अलग हो गए। इस पराजय का बोझ भी मंत्रिमंडल को उठाना पड़ा। नेहरू की छवि भी बिगड़ गई। चीन के मुकाबले कमजोर न पड़ने भारतीय और सैन्य तैयारी न कर पाने के कारण समाज में आलोचनाएं हुईं। पहली बार नेहरू सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव रखा गया।
भारत और चीन के बीच संबंधों को सामान्य होने में करीब दस साल लग गए। 1976 में दोनों देशों के बीच पूर्ण राजनयिक संबंधों को बहाल किया गया। मोरारजी देसाई की सरकार में अटल बिहारी वाजपेयी (तत्कालीन विदेश मंत्री) ने 1979 में चीन दौरे पर गए। नेहरू के बाद पहली बार कोई उच्च भारतीय प्रतिनिधि चीन के आधिकारिक दौरे पर गया, यह भारत और चीन के बीच संबंध सुधारने की तरफ बड़ा कदम था।
2003 में भी अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री के तौर पर चीन की यात्रा की, जिसमें व्यापारिक मुद्दों (जैसे व्यापार मार्ग) को व्यापार के लिए खोला गया। हालांकि, चीन 1962 से कब्जाए हुए कई मुद्दों पर भारत की स्थिति को चीन अधिकृत नहीं मानता है।
3. भारतीय किसान यूनियन की उत्पत्ति एवं कार्यों को लिखें।
उत्तर: भारतीय किसान यूनियन (विशेष रूपसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के किसानों का एक संगठन था। यह 80 के दशक के किसान आंदोलनों के अग्रणी संगठनों में से एक था।
जनवरी 1988 में मेरठ शहर में लगभग 20000 किसानों द्वारा बिजली की बढ़ती दरों का विरोध करने के लिए एवं अन्य समस्याओं के आंदोलन करीब 8 दिन तक चला जिसकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर हुई। सरकार को किसानों की मांगों के आगे झुकना पड़ा और सरकार ने उनकी मांगें मान लीं।
किसानों के मुद्दे अब अनुसूचित स्तर पर आ गए और यह लोग अपने हक के लिए आवाज़ उठाने लगे। किसानों द्वारा नहर का पानी एवं अन्य चीजें जो भी सरकार द्वारा दी जा रही थी मेरठ के इस धरने को ग्रामीण क्षेत्र या कास्तकारों की शक्ति का एक बड़ा प्रदर्शन माना गया।
1960 के दशक में जब भारत ने हरित क्रांति की नीति अपनानी शुरू की तो हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों को लाभ मिलना शुरू हुआ। जिससे आगे वे गन्ने एवं गेहूं उत्पादन में देश का प्रमुख राज्य बन गए। लेकिन 1980 के दशक में हरित क्रांति के अंतर्विरोध स्पष्ट होने लगे जब लागत बढ़ने लगी तो मजबूर किसान कर्ज लेने को मजबूर सा नजर आने लगा।
उर्वरकों, कीटनाशकों एवं संकर बीजों के बढ़ते मूल्यों में वृद्धि करने, खेती उपयोगी वस्तुओं में आई बढ़ोतरी तथा सरकारी नीतियों के कारण किसानों की समस्याओं के निदान के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई ऐसी मांगें उठाई गईं और देश के अन्य किसान संगठनों ने भी उठाईं।
यह संगठन सरकार पर अपनी मांगों को मनवाने के लिए दबाव डालने के लिए सड़क जाम करने, धरने देने, रेल रोकने एवं विरोध प्रदर्शन करने जैसे अभियानों का सहारा लिया। इस आंदोलन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। साथ ही हरियाणा, पंजाब एवं देश के विभिन्न हिस्सों में भी इस संगठन की आज़ादी ज़ोर पकड़ने लगी।
इस संगठन के अधिकांश सदस्य एक खास समुदाय के थे तथा जागीरदार एवं आर्थिक समस्याओं पर एकजुट होकर अपने मुद्दों को सरकार तक पहुंचाने में सफल रहे।
कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि किसान यूनियन जैसे संगठन किसानों की मूलभूत समस्याओं का समाधान उठाकर सरकार तक उनकी बात पहुंचाते हैं और किसानों के हितों के लिए उनके अधिकार प्राप्ति की पहल को प्रोत्साहित करते हैं।
4. योजना आयोग का गठन एवं कार्य समझाइए?
उत्तर: देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत का वैज्ञानिक पद्धति से विकास करना चाहते थे। भारत की सामाजिक आर्थिक समस्याओं का कम लागत तरीके से हल करना चाहते थे। सोवियत संघ की योजना प्रक्रिया से अंतः प्रभावित थे। अतः देश की आर्थिक योजना को प्रभावी बनाने एवं नियोजन की प्रक्रिया का संचालन करने के लिए उन्होंने 1950 में योजना आयोग का गठन किया। योजना आयोग का एक उपाध्यक्ष होता है, जिसकी नियुक्ति राष्ट्रपति करता है। भारत के प्रधानमंत्री योजना आयोग के पदेन अध्यक्ष होते हैं। इसके अलावा योजना आयोग के कई सरकारी एवं गैर सरकारी सदस्य होते हैं। कुछ मंत्री इसके पदेन सदस्य होते हैं। योजना आयोग का स्वरूप एक सलाहकार संस्था के रूप में होता है।
योजना आयोग के कार्य:
- पंचवर्षीय योजनाओं का निर्माण करना।
- स्रोतों का अवलोकन करना।
- योजनाओं की प्राथमिकता निश्चित करना।
- योजनाओं के लक्ष्य को प्राप्त करना।
- योजनाओं के बीच में प्राप्ति प्राप्त करना एवं मूल्यांकन करना।
- योजना की प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं को दूर करना।
- राज्यों के विकास योजनाओं पर समन्वय प्रदान करना तथा राज्यों का आवश्यक मार्ग प्रबंध करना।
वर्तमान समय में योजना आयोग की भूमिका व्यापक हो गई है तथा अब आर्थिक सुधारों के तहत इसको नीति आयोग के नाम से प्रतिस्थापित कर दिया गया है। इसकी संरचना भी बदली गई है और इसे एक थिंक टैंक के रूप में विकसित किया गया है जो केंद्र सरकार तथा प्रधानमंत्री के साथ कार्य करती है।
5. मिश्रित अर्थव्यवस्था से आप क्या समझते हैं? भारत में मिश्रित अर्थव्यवस्था को क्यों अपनाया गया?
उत्तर: एक ऐसी अर्थव्यवस्था जिसमें पूंजीवादी अर्थव्यवस्था एवं समाजवादी अर्थव्यवस्था दोनों के कुछ-कुछ नियमों को लागू किया जाता है। इस अर्थव्यवस्था में उत्पादन का काम पूर्णतः न तो निजी क्षेत्र के भरोसे होता है और न ही हर तरह के उत्पादन पर राज्य का नियंत्रण होता है।
आजादी के बाद भारत के अनेक नेताओं और चिंतकों ने मिलकर नव-स्वतंत्र भारत के लिए पूंजीवाद तथा समाजवाद के कमियों से बचने के लिए मिश्रित अर्थव्यवस्था को अपनाया। गांधी युग के नेताओं को समाजवाद से सहानुभूति थी, फिर भी उन्होंने ऐसी अर्थव्यवस्था अपनाई जो समाजवाद और पूंजीवाद के कमियों से मुक्त हो। इसके अनुसार भारत एक ऐसा समाजवादी देश बनकर रहेगा जिसमें उत्पादन का मुख्य आधार सरकार होगी, लेकिन निजी संपत्ति और लाभकों का स्थान होगा। मिश्रित अर्थव्यवस्था में बाजार उन्हीं वस्तुओं और सेवाओं को सुव्यवस्थित करने का अवसर देता है जिन्हें सरकार नियंत्रित नहीं करती, लेकिन अन्य आवश्यक वस्तुएँ सरकार द्वारा नियंत्रित की जाती हैं, जिन्हें बाजार सुव्यवस्थित नहीं कर पाता रहता है।
आजादी के आंदोलन के दौरान ही राष्ट्रवादी नेताओं के मन में यह बात बैठा दी गई थी कि आजाद भारत में सरकार के नियंत्रण में चलने वाली अर्थव्यवस्था की एक प्रमुख भूमिका होगी ताकि गरीबी मिटाने और सामाजिक आर्थिक विकास को मुख्य दिशा मिल सके।
इस प्रकार भारत के लिए गुलाम भारत में आर्थिक शोषण के अनुभवों तथा समाजवाद एवं पूंजीवाद की मिश्रित विशेषताओं के आधार पर भारतीय मॉडल में मिश्रित अर्थव्यवस्था को अपनाने के कुछ विशेष तत्वों को ग्रहण किया।
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