JAC Board 12th Geography Exam 2024 : Top 50 (3 Marks) Questions with Answers (Short Answer Questions)
झारखंड बोर्ड 12वीं की Geography (भूगोल) परीक्षा 12 फरवरी, 2024 को निर्धारित है। तो यह आर्टिकल आपके लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण साबित होने वाला है क्योंकि इस आर्टिकल में आपको बोर्ड परीक्षा के लिए वो ही प्रश्न दिए गए है जो बोर्ड पेपर में आने जा रहे है।
JAC Jharkhand Board क्लास 12th के Geography (भूगोल) (Top 50 Short Answer Questions) से संबंधित महत्वपूर्ण लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर प्रश्न दिए गए है। महत्वपूर्ण प्रश्नों का एक संग्रह है जो बहुत ही अनुभवी शिक्षकों के द्वारा तैयार किये गए है। इसमें प्रत्येक महत्वपूर्ण प्रश्नों को छांट कर एकत्रित किया गया है, जो आपके पेपर के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है, जिससे कि विद्यार्थी कम समय में अच्छे अंक प्राप्त कर सके। सभी प्रश्नों के उत्तर साथ में दिए गए हैं।
झारखंड बोर्ड के सभी विद्यार्थिय अब आपकी Geography (भूगोल) परीक्षा में कुछ ही घंटे बचे है, विद्यार्थी यहां पर से अपने बोर्ड एग्जाम की तैयारी बहुत ही आसानी से कर सकते हैं।
भाग — 'अ' मानव भूगोल के मूलभूत सिद्धांत
प्रश्न 1 मानव भूगोल को परिभाषित कीजिए।
उत्तर- अनेक विद्वानों के द्वारा मानव भूगोल को परिभाषित किया है, वास्तव में भौतिक वातावरण तथा मानवीय क्रियाओं के अंतर्संबंधों तथा विभिन्नताओं का अध्ययन करना ही मानव भूगोल है। रेटजेल के अनुसार, "मानव भूगोल मानव समाजों और धरीतल के मध्य संबंधों का संश्लेषित अध्ययन है। " एलेन चर्चिल सैंपल के अनुसार, "मानव भूगोल अस्थिर पृथ्वी और क्रियाशील मानव के मध्य परिवर्तनशील संबंधों का अध्ययन है।"
प्रश्न 2 मानव भूगोल की मानवतावादी विचारधारा से आपका क्या तात्पर्य है?
उत्तर- मानव भूगोल के मानवतावादी विचारधारा से हमारा तात्पर्य है, मानव भूगोल के अध्ययन को मानव के कल्याण एवं उनकी सामाजिक स्थिति के विभिन्न पक्षों से जोड़ना । इस विचारधारा का जन्म 1970 के दशक में हुआ। इसके अंतर्गत मानव के आवास, स्वास्थ्य एवं शिक्षा जैसे पक्षों पर विशेष ध्यान दिया गया ताकि मानव का कल्याण सुनिश्चित हो सके एवं उनकी सामाजिक स्थिति सुदृढ़ हो। इस विचारधारा के अनुसार मानव की स्थिति को केंद्रीय एवं क्रियाशील माना गया है।
प्रश्न 3 विश्व में उच्च जनसंख्या घनत्व वाले अनेक क्षेत्र है। ऐसा क्यों होता है?
उत्तर- विश्व के अनेक क्षेत्रों में जनसंख्या घनत्व को प्रभावित करने वाले भौगोलिक, आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक कारक अनुकूल पाए जाते हैं। उन क्षेत्रों में उच्च जनसंख्या घनत्व पाए जाते हैं। उदाहरण दक्षिण, दक्षिण - पूर्वी एवं पूर्वी एशिया के भाग ।
प्रश्न 4 विश्व में उच्च जनसंख्या घनत्व वाले क्षेत्र को बताएं।
उत्तर- उच्च जनसंख्या घनत्व वाले क्षेत्र में जनसंख्या घनत्व 150 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर से अधिक होता है। इसके अंतर्गत निम्नलिखित क्षेत्र आते हैं:
प्रश्न 5 जनसंख्या संघटन से आप क्या समझते हैं?
उत्तर- जनसंख्या को आयु, लिंग, निवास स्थान, शिक्षा, जाति, भाषा, धर्म, जीवन प्रत्याशा आदि के आधार पर वर्गीकृत कर उनकी विशेषताओं का अध्ययन करना ही जनसंख्या संघटन कहलाता है। जनसंख्या संघटन के माध्यम से हमें यह पता चलता है कि विभिन्न क्षेत्रों की जनसंख्या की विशेषताएं किस प्रकार की है।
प्रश्न 6 साक्षरता दर को परिभाषित करें ।
उत्तर- भारत में साक्षरता दर का तात्पर्य है 7 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग वाले जनसंख्या जो पढ़ लिख सकता है और जिसमें समझ के साथ अंकगणितीय परिकलन करने की योग्यता है। किसी देश में साक्षरता जनसंख्या का अनुपात उसके सामाजिक - आर्थिक विकास का सूचक होता है क्योंकि इससे रहन-सहन के स्तर महिलाओं की सामाजिक स्थिति शैक्षणिक सुविधाओं की उपलब्धता तथा सरकार की नीतियों का पता चलता है।
प्रश्न 7 उत्तरी भारत के अधिकांश राज्यों में मानव विकास के निम्न स्तर के दो कारण बताइए।
उत्तर- देश के प्रमुख 15 राज्यों में उत्तरी भारत के असम, बिहार, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान व पश्चिमी बंगाल ऐसे राज्य हैं, जहाँ मानव विकास निम्न स्तर पर है। इसके प्रमुख कारण है : आर्थिक विकास का निम्न स्तर व साक्षरता है। इसके अलावा सामाजिक- राजनीतिक व ऐतिहासिक कारण भी इसके लिए उत्तरदायी हैं।
प्रश्न 8 भारत में 2001 के स्त्री साक्षरता के स्थानिक प्रारूपों की विवेचना कीजिए और इसके लिए उत्तरदायी कारणों को समझाइए ।
उत्तर- भारत में कुल साक्षरता दर लगभग 65.38 प्रतिशत है जबकि स्त्री साक्षरता 54.16 प्रतिशत है। (जनगणना 2001 के अनुसार) दक्षिण भारत के अधिकांश राज्यों में कुल साक्षरता और महिला साक्षरता राष्ट्रीय औसत से ऊँची है। स्थानिक भिन्नताओं के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में अनुसूचित जातियों व अनुसूचित जनजातियों में स्त्रियों में, कृषि मजदूरों में तथा हमारे समाज के अन्य सीमांत वर्गों में साक्षरता का प्रतिशत बहुत ही कम है। यद्यपि सीमांत वर्गों में साक्षरों का प्रतिशत ठीक हुआ है, फिर भी धनी और सीमांत वर्गों की जनसंख्या के बीच यह अंतर समय के साथ बढ़ा है। भारत के राज्यों में साक्षरता दर में व्यापक प्रादेशिक असमानता मिलती हैं। यहाँ बिहार जैसे राज्य भी हैं, जहाँ साक्षरता दर बहुत कम 47.53% हैं। केरल और मिजोरम जैसे राज्य भी हैं, जिनमें साक्षरता दर क्रमशः 90.92% और 88.49% है।
प्रश्न 9 मानव विकास में शिक्षा का क्या महत्व है ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर- मानव विकास में वृद्धि हेतु शिक्षा या ज्ञान को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। एक शिक्षित समाज ही विकसित समाज का निर्माण करता है अतः शिक्षा मानव का आभूषण है। शिक्षा के दो मापदंड है। प्रथम मापदंड शिक्षक- शिष्य अनुपात है अर्थात शिक्षक शिष्य अनुपात जितना कम होगा शिक्षा की गुणवत्ता उतनी ही अच्छी होगी। दूसरा मापदंड शिक्षा या साक्षरता योग्यता के स्तर को मापना है । यह मापदंड जितना अधिक होगा उस देश का सामाजिक स्तर भी उतना ही अधिक होगा। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP- United Nations Development Programme) साल 2016 की मानव विकास रिपोर्ट के अनुसार अधिकांश विकसित देशों में 98% या इससे अधिक जनसंख्या साक्षर है जबकि पिछड़े हुए देशों में 45% से कम जनसंख्या साक्षर है, जो इन देशों की निम्न मानव विकास स्तर को दिखाता है।
प्रश्न 10 विस्तृत पैमाने पर डेयरी कृषि का विकास यातायात के संसाधनों एवं प्रशीतकों के विकास के बाद ही क्यों संभव हो सका है?
उत्तर- डेरी उत्पाद जैसे दुग्ध व इससे बने उत्पाद शीघ्र ही खराब होने वाले होते है और इन्हें शीघ्रता से शहरों तथा औद्योगिक क्षेत्रों में पहुंचाना आवश्यक होता है। इसके लिए यातायात के साधनों का विकास तथा प्रशीतकों का होना आवश्यक है। प्रशीतकों का उपयोग करके विभिन्न डेयरी उत्पादों को अधिक समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
प्रश्न 11 चलवासी पशुचारण से आपका क्या तात्पर्य है?
उत्तर- चलवासी पशुचारण एक प्राचीन जीवन निर्वाह व्यवसाय है, जिसमें पशुचारक अपने भोजन, वस्त्र, आवास, एवं यातायात के लिए पशुओं पर ही निर्भर रहता है। वे अपने पालतू पशुओं के साथ पानी एवं चरागाह की उपलब्धता एवं गुणवत्ता हेतु एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित होते रहते हैं। इन पशुचारक वर्गों के अपने-अपने निश्चित चरागाह क्षेत्र होते हैं। वर्तमान में चलवासी पशुचारको की संख्या घट रही है। उत्तरी अफ्रीका, यूरोप, एशिया टुंड्रा प्रदेश, दक्षिण-पश्चिम अफ्रीका आदि प्रमुख क्षेत्र हैं।
प्रश्न 12 मिश्रित कृषि की विशेषताएं बताइए एवं इसके प्रमुख क्षेत्रों के नाम लिखिए।
उत्तर- मिश्रित कृषि में फसल उत्पादन के साथ-साथ पशुपालन भी किया जाता है। फसलों के साथ-साथ पशु जैसे मवेशी, भेड़, सुअर, कुक्कुट आदि आय के प्रमुख स्रोत है। मिश्रित कृषि में पशुओं के चारे के लिए मुख्य रूप से फसलों को उगाया जाता है। इस कृषि में खेतों का आकार मध्यम होता है। इसमें बोई जाने वाली अन्य फसलें गेहूँ, जौ, राई, जई, मक्का, कंदमूल प्रमुख है। शस्यावर्तन एवं अंतः फसली कृषि मृदा की उर्वरता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मिश्रित कृषि विश्व के अत्यधिक विकसित भागों में की जाती है, जैसे उत्तरी पश्चिमी यूरोप, उत्तरी अमेरिका का पूर्वी भाग, यूरेशिया के कुछ भाग एवं दक्षिणी महाद्वीपों के समशीतोष्ण अंक्षाश वाले भाग।
प्रश्न 13 स्थानांतरी कृषि का भविष्य अच्छा नहीं है। विवेचना कीजिए।
उत्तर- स्थानांतरित कृषि के अंतर्गत वनों को काटकर तथा जलाकर कृषि भूमि तैयार की जाती है, जब एक स्थान की कृषि भूमि की उर्वरा शक्ति समाप्त हो जाती है तो पुनः दूसरे स्थान पर वनों को कराया जाता है और कृषि भूमि तैयार की जाती है। इस कृषि पद्धति के कारण वन भूमि में लगातार कमी आती है, अतः जैव विविधता में कमी आती है। मृदा अपरदन में वृद्धि होती है, वर्षा में कमी आती है, तथा तापमान वृद्धि के साथ-साथ पर्यावरण अवनयन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं अतः स्थानांतरित कृषि भविष्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता है।
प्रश्न 14 उच्च प्रौद्योगिकी उद्योग पर टिप्पणी लिखिए?
उत्तर- उच्च प्रौद्योगिकी उद्योग निर्माण क्रियाओं में नवीनतम पीढ़ी है। इसमें उन्नत वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग उत्पादकों का निर्माण गहन शोध तथा विकास के प्रयोग द्वारा किया जाता है। संपूर्ण श्रमिक शक्ति का अधिकतर भाग व्यवसायिक (सफ़ेद कॉलर) श्रमिकों का होता है। ये उच्च दक्ष तथा विशिष्ट व्यवसायिक श्रमिक वास्तविक उत्पादन (नीला कॉलर) श्रमिकों से संख्या में अधिक होते हैं। उच्च प्रौद्योगिकी उद्योग में यंत्रमानव, कम्प्यटूर आधारित डिज़ाइन (कैड) और निर्माण, धातु पिघलाने तथा शोधन के इलेक्ट्रॉनिक नियंत्रण व नए रासायनिक तथा औषधीय उत्पाद प्रमुख स्थान रखते हैं।
प्रश्न 15 स्वच्छंद उद्योग पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर- स्वच्छंद उद्योग व्यापक विविधता वाले स्थानों में स्थित होते हैं। यह किसी विशिष्ट कच्चे माल जिनके भारत में कमी हो रही है अथवानहीं, पर निर्भर नहीं रहते हैं। यह उद्योग संघटक पुर्जों पर निर्भर रहते हैं जो कहीं से भी प्राप्त किए जा सकते हैं। इसमें उत्पादन कम मात्रा में होता है, एवं श्रमिकों की भी कम जरूरत होती है। साधारणतः ये उद्योग प्रदूषण नहीं फैलाते। इनकी स्थापना में महत्वपूर्ण कारक सड़कों के जाल द्वारा अभिगम्यता होती है।
प्रश्न 16 फुटकर व्यापार सेवा को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर-
1. फुटकर व्यापार सेवा वह क्रियाकलाप है जिसमें उपभोक्ताओं को वस्तुओं व उत्पादों का विक्रय प्रत्यक्ष रूप से किया जाता है।
2. अधिकांश फुटकर व्यापार सेवा वस्तुओं एवं उत्पादों के विक्रय के उद्देश्य स्थापित प्रतिष्ठानों एवं भंडारों से संपन्न होता है।
3. किंतु कुछ फुटकर व्यापार सेवा, भंडार रहित होते हैं जैसे द्वार से द्वार, इंटरनेट के माध्यम से खरीदारी, फेरी आदि।
प्रश्न 17 तृतीयक क्रियाकलाप से आप क्या समझते हैं?
उत्तर- 1. इस आर्थिक गतिविधि के अंतर्गत वस्तुओं का उत्पादन नहींहोता बल्कि अमूर्त सेवाएं प्रदान की जाती है।
2. तृतीयक क्रियाकलाप के अंतर्गत व्यापार- वाणिज्य, परिवहन, संचार तथा विभिन्न व्यक्तिगत व व्यवसायिक सेवाओं से संबंधी गतिविधियों को सम्मिलित किया जाता है।
प्रश्न 18 पार-महाद्वीपीय रेलमार्ग क्या होता है?
उत्तर- पार-महाद्वीपीय रेलमार्ग उन्हें कहते हैं जो एक पूरे महाद्वीप में विस्तृत होते हैं और इसके एक छोर को दूसरे छोर से जोड़ते हैं। ये रेल मार्ग आर्थिक एवं सामाजिक कारणों से विकसित किए जाते हैं, जो उस महाद्वीप में आवागमन एवं व्यापार को प्रोत्साहित करते हैं। प्रमुख पार महाद्वीपीय रेलमार्ग पार साइबेरियन रेल मार्ग, पार- डियन रेल मार्ग, आस्ट्रेलियाई पारमहाद्वीपीय रेलमार्ग आदि।
प्रश्न 19 संचार प्रणाली से आप क्या समझते हैं?
उत्तर- प्रेषक एवं प्राप्तकर्ता के बीच संदेशों के आदान-प्रदान के माध्यम को सामान्यतया संचार प्रणाली कहा जाता है। वर्तमान वैज्ञानिक युग में मानव ने संचार के विभिन्न माध्यमों का विकास कर लिया है। संचार प्रणाली के महत्वपूर्ण माध्यम- टेलीग्राफ, फैक्स, दूरभाष, टेलीविजन, रेडियो, समाचार पत्र-पत्रिकाएं, मोबाइल सेवा, इंटरनेट आदि
प्रश्न 20 अंतरराष्ट्रीय व्यापार में डंपिंग से आप क्या समझते हैं?
उत्तर- जब कोई देश या फर्म अपने घरेलू बाजार में किसी उत्पाद की कीमत से कम कीमत पर उस उत्पाद का निर्यात करती है तो इसे डंपिंग कहा जाता है। इससे आयातित देश में उसके उत्पाद की कीमत प्रभावित होती है और स्थानीय विनिर्माण उद्योगों को हानि पहुंचती है।
प्रश्न 21 ऋणात्मक भुगतान संतुलन का होना किसी देश के लिए क्यों हानिकारक होता है?
उत्तर- ऋणात्मक भुगतान संतुलन या प्रतिकूल व्यापार संतुलन से आशय उस स्थिति से है जब निर्यातों की तुलना में आयात अधिक हो अर्थात वस्तुओं के आयात के लिए किए गए भुगतान वस्तुओं के निर्यात से प्राप्त राशि से अधिक हो।
• इस स्थिति में देश की विदेशी मुद्रा भंडार कम होती जाती है।
• देश के उद्योगों पर दबाव बढ़ता जाता है।
प्रश्न 22 ग्रामीण बस्तियों की समस्याओं का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
उत्तर- ग्रामीण बस्तियों की मुख्य समस्याएँ गरीबी, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, पीने का पानी, स्वच्छता तथा सफाई आदि जैसी आधुनिक सुविधाओं की कमी है। विकासशील देशों में रहने वाले अधिकतर ग्रामीण निवासी कृषि करते हैं जो एक मौसमी प्रक्रिया है। बुआई और कटाई की अवधि के अतिरिक्त वे वर्ष के बाकी समय बिना किसी लाभदायक व्यवसाय के गुजारते हैं। फसल खराब होने के कारण होने वाली कुपोषण तथा भुखमरी एक प्राकृतिक परिणाम है।
प्रश्न 23 मलिन बस्ती की मुख्य समस्याओं को लिखें।
उत्तर- मलिन बस्ती नगरीय क्षेत्र का वह आवासीय भाग है, जिसमें अत्यंत निर्धन लोग बसे होते हैं तथा जो अपनी निजी भूमि खरीदने में असमर्थ होते हैं। अतः खाली पड़ी निजी अथवा सार्वजनिक भूमि पर बस जाते हैं, जिसके कारण नगरों में अनाधिकृत और अनियमित बसाव का निर्माण हो जाता है। मलिन बस्ती में रहने वाले लोगों की आर्थिक स्थिति निम्न होती है, तथा यहां गरीब लोग रहते हैं। यह क्षेत्र भीड़भाड़ वाला क्षेत्र होता है। मलिन बस्ती में रहने वाले लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जैसे स्वास्थ्य एवं सफाई की सार्वजनिक सेवाओं से यह वंचित रहते हैं। यहां नैतिकता का अभाव पाया जाता है। बाल श्रम एवं बाल अपराध जैसी प्रवृतियां मिलती है। मलिन बस्तियों का समाज असंगठित होता हैं।
प्रश्न 24 उपनगरीकरण से क्या अभिप्राय है?
उत्तर- उपनग्रीकरण एक नई प्रवृत्ति है, जिसमें मनुष्य शहर के घने बसे क्षेत्रों से हटकर रहन-सहन की अच्छी गुणवत्ता की खोज में शहर के बाहर स्वच्छ एवं खुले क्षेत्रों में जा रहे हैं क्योंकि वर्तमान समय में मुख्य शहर में लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जैसे ध्वनि प्रदूषण, वायु प्रदूषण, भीड़ भाड़, गंदगी की समस्या, मलिन बस्तियाँ आदि। बड़े शहरों के समीप ऐसे महत्वपूर्ण उपनगर विकसित हो जाते हैं, जहाँ से प्रतिदिन हजारों व्यक्ति अपने घरों से कार्य स्थल पर आते जाते हैं।
प्रश्न 25 विश्व में बढ़ते हुए नगरीकरण के कारण हमें किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है?
उत्तर- विश्व के विकासशील राष्ट्रों में ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर तीव्र जनसंख्या गति से पलायन हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से लाखों लोग रोजगार की तलाश में नगरीय क्षेत्रों में प्रवास कर रहे हैं, इस प्रक्रिया को नगरीकरण कहा जाता है परंतु नगरीकरण के कारण निम्नलिखित समस्याएं उठ खड़ी हुई हैं-
जैसे- नगरीय बस्तियाँ जनसंख्या के अधिक दबाव, पर्यावरण के निम्नीकरण, आर्थिक सामाजिक-सांस्कृतिक जैसी समस्याओं कासामना करती है।
भाग - 'ब' भारत : लोग और अर्थव्यवस्था
प्रश्न 1 भारत के कुछ राज्यों में अन्य राज्यों की अपेक्षा श्रम सहभागिता ऊंची क्यों है?
उत्तर- आर्थिक विकास के निम्न स्तरों वाले राज्यों में श्रम की सहभागिता दर ऊंची है, क्योंकि निर्वाह अथवा लगभग निर्वाह के आर्थिक क्रियाओं के निष्पादन के लिए अनेक कामगारों की जरूरत पड़ती है।
प्रश्न 2 भारत सरकार की 2015 में कौशल विकास तथा उद्यमिता के लिए बनाई नीति के उद्देश्य बताइए ।
उत्तर- भारत सरकार ने 2015 में कौशल विकास तथा उद्यमिता के लिए नीति बनाई है, जिसका उद्देश्य देशभर में हो रही कौशल से संबंधित गतिविधियों के लिए एक रूपरेखा प्रदान करना है। साथ ही साथ इन सभी गतिविधियों को एक मानक के साथ बांधना तथा विभिन्न कौशलों को इनके भाग केंद्रों के साथ जोड़ना है।
प्रश्न 3 जीवन पर्यंत प्रवासी और पिछले निवास के अनुसार प्रवासी में अंतर स्पष्ट कीजिए
उत्तर- भारत की जनगणना में यदि जन्म का स्थान गणना के स्थान से भिन्न है, तो इसे जीवन पर्यंत प्रवासी के नाम से जाना जाता है। यदि निवास का पिछला स्थान गणना के स्थान से भिन्न है तो इसे पिछले निवास के अनुसार प्रवासी कहा जाता है।
प्रश्न 4 पर्यावरण पर प्रवास से क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर- ग्रामीण क्षेत्रों से नगरों की ओर जब लोगों का प्रवास होता है, तो नगरीय क्षेत्र अत्यधिक भीड़ भाड़ वाला हो जाता है। वहां नगरीय क्षेत्रों में सामाजिक और भौतिक अवसंरचना पर दबाव पड़ता है। इससे नगरीय बस्तियों की अनियोजित वृद्धि होती है। गंदी बस्तियों तथा गन्दी बस्तियों का निर्माण होता है। प्राकृतिक संसाधनों के अति दोहन के कारण भौम जल स्तर नीचे जाने लगता है, वायु प्रदूषण, वाहित मल के निपटान और कचरे के प्रबंधन जैसे गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
प्रश्न 5 भारत में लिंग संरचना का विवरण दीजिए?
उत्तर- प्रति हजार पुरुषों की संख्या में स्त्रियों की संख्या लिंगानुपात कहलाती है। भारत में स्त्रियों का अनुपात पुरुषों की अपेक्षा निरंतर कम होते जा रहा है। जैसे- 1971 ई. की जनगणना में प्रति 1000 पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या मात्र 930 थी। 1981 ई. की जनगणना मैं स्त्रियों का यह अनुपात 934 हुआ परंतु 1991 ई. में प्रति हजार पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या पुनः घटकर 929 हो गई और 2001 ई. प्रति हजार पुरुषों की संख्या पर स्त्रियों की संख्या 933 आ गई तथा अंतिम जनगणना 2011 के अनुसार यह संख्या बढ़कर 940 पर आ गई है।
प्रश्न 6 भारत में स्त्री साक्षरता के प्रादेशिक प्रतिरूपों का वर्णन कीजिए?
उत्तर- भारत में पुरुष एवं स्त्री साक्षरता दर में काफी अंतर है। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में कुल पुरुष साक्षर 82.14% है इसके विपरीत स्त्री साक्षरता केवल 65.46% है। देश में स्त्री साक्षरता 1951 में 8.86% थी जो 2011 में बढ़कर 65.46% हो गई जो लगभग 8 गुनी वृद्धि है। देश में राज्य स्तर पर सर्वाधिक साक्षरता केरल में 91.98% है तथा दूसरे एवं तीसरे पर क्रमश: मिजोरम 89.40 तथा गोवा 81.89% है। इसके विपरीत सबसे कम साक्षरता बिहार 53.33% है। केंद्र शासित प्रदेशों में चंडीगढ़ 81.38% दिल्ली 80.93% जैसे उच्च साक्षरता पाई जाती है। निष्कर्ष के रूप में यह देखा जाता है कि 18 राज्यों में स्त्री साक्षरता राष्ट्रीय औसत से अधिक है तथा 10 राज्यों में राष्ट्रीय औसत से कम है।
प्रश्न 7 ग्रामीण तथा नगरीय बस्तियों में अंतर बताइए?
उत्तर- ग्रामीण बस्तियां ग्रामीण बस्तियों में निवास करने वाले लोगों का मुख्य व्यवसाय कृषि, पशुपालन, आखेट, लकड़ी काटना, खनन करना जैसे प्रमुख प्राथमिक व्यवसाय होते हैं। गांव में सेवाओं का स्तर निम्न होता है। ग्रामीण बस्तियों में जनसंख्या कम निवास करती है तथा जनघनत्व कम पाया जाता है अधिकांश ग्रामीण बस्तियों प्रकीर्ण एवं एकांकी होती है। नगरीय बस्तियां नगरीय बस्तियों के निवासी द्वितीय व तृतीय व्यवसाय में जैसे निर्माण उद्योग, परिवहन, वाणिज्य एवं व्यापार सेवाएं तथा प्रशासन आदि से जुड़े होते हैं। नगरीय बस्तियों में उच्च सेवाएं जैसे उच्च शिक्षा के स्तर, अस्पताल, पुलिस व्यवस्था आदि पाया जाता है। नगरों में जनसंख्या घनत्व ज्यादा होती है तथा नगरीय बस्तियां सघन बस्तियां होती है।
प्रश्न 8 भारत की पल्ली और परिक्षिप्त ग्रामीण बस्तियों में अंतर स्पष्ट कीजिए?
उत्तर- भारत में पल्ली बस्तियां और परिक्षिप्त बस्तियां में निम्न अंतर है- पल्ली बस्तियां इन बस्तियों का निर्माण जातीय व्यवस्था के कारण उत्पन्न सामाजिक अलगाव से होता है। इन बस्तियों में एक से अधिक जातियों के लोग रहते हैं। भारत में इस प्रकार की बस्तियां मुख्य रूप से मध्य गंगा मैदान, निम्न गंगा मैदान, छत्तीसगढ़ एवं हिमालय की निचली घाटियों में पाए जाते हैं। इन बस्तियों को स्थानीय स्तर पर पुरवा, पान्ना, पाडा, पाली नगला व ढाणी आदि नाम से जाना जाता है। परिक्षिप्त या एकाकी बस्तियां परिक्षिप्त बस्तियां सुदूर वन क्षेत्रों में अथवा छोटी पहाड़ियों के ढालो पर या चरागाहों में एकाकी रूप से दिखाई पड़ती है। भारत में यह बस्तियां मेघालय, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश तथा केरल राज्य के अनेक भागों में पाई जाती हैं इन बस्तियों का विकास भूमि संसाधनों की अत्यधिक विखंडित प्रकृति के कारण होता है।'
प्रश्न 9 बंजर भूमि तथा कृषि योग्य व्यर्थ भूमि में अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर- बंजर भूमि वैसी भूमि को कहते हैं, जो प्रौद्योगिकी की सहायता से कृषि योग्य उपजाऊ नहीं बनाई जा सकती है। जैसे- बंजर पहाड़ी भूभाग, मरुस्थल आदि। कृषि योग्य भूमि जो पिछले पांच वर्षों तक या उससे अधिक समय तक परती छोड़ दिया जाता है जिसमें कृषि कार्य नहीं किए जाते हैं, लेकिन नवीन तकनीकी द्वारा इसे सुधार कर कृषि योग्य बनाया जा सकता है।
प्रश्न 10 वर्तमान परती एवं पुरातन परती भूमि में क्या अंतर है?
उत्तर- वर्तमान परती भूमि:- यह वह भूमि जिस पर एक वर्ष या उससे कम समय के लिये खेती नहीं की जाती। यह भूमि की उर्वरता बढ़ाने का प्राकृतिक तरीका होता है।
पुरातन परती भूमि:- वह भूमि जिसे एक वर्ष से अधिक किन्तु पाँच वर्ष से कम के लिये खेती हेतु प्रयोग नहीं किया जाता।
प्रश्न 11 जल का प्रमुख उपयोग कहाँ होता है? वर्णन कीजिए।
उत्तर- जल का प्रमुख उपयोग सिंचाई में होता है। सिंचाई के लिए जल कई प्रकार से उपयोग में लाया जाता है। आधुनिक सिंचाई का प्रारम्भ 1831 माना जाता है जब उत्तर प्रदेश में पूर्वी यमुना नहर बन कर तैयार हुई थी। स्वतंत्रता के बाद सिंचाई की क्षमता में काफी वृद्धि हुई है। भारत का अधिकतर भाग उष्ण कटिबंध और उपोष्ण कटिबंध में स्थित है अतः यहाँ वाष्पोत्सर्जन बहुत अधिक होता है। परिणामस्वरूप सिंचाई के लिए जल की बहुत माँग है। अतः जल के आर्थिक उपयोगों में सिंचाई का बहुत अधिक महत्व है।
प्रश्न 12 पंजाब, हरियाणा और तमिलनाडु राज्यों में सबसे अधिक भौमजल विकास के लिए कौन-से कारक उत्तरदायी हैं?
उत्तर- पंजाब, हरियाणा तथा तमिलनाडु राज्यों में भौमजल विकास सबसे अधिक इसलिए संभव हुआ है क्योंकि इन प्रदेशों में कृषि के अंतर्गत उगाई जाने वाली फसलों को सिंचाई की आवश्यकता होती है। हरित क्रांति का शुभारंभ भी इन्हीं राज्यों से हुआ था साथ भौमजल की मात्रा भी इन राज्यों में सर्वाधिक है।
प्रश्न 13 भारत में अभ्रक के वितरण का विवरण दें।
उत्तर- भारत में अभ्रक के जमाव प्रमुख रूप से झारखण्ड, आन्ध्र प्रदेश तथा राजस्थान राज्यों में मिलते हैं। झारखण्ड राज्य में उच्च गुणवत्ता वाला अभ्रक निचले हजारीबाग पठार की 150 किमी. लम्बी व 22 किमी चौड़ी पट्टी में पाया जाता है। आन्ध्र प्रदेश में नेल्लोर तथा राजस्थान में जयपुर-भीलवाड़ा पेटी व उदयपुर क्षेत्र में भी अभ्रक मिलता है।
प्रश्न 14 खनिजों का संरक्षण एवं प्रबंधन क्यों आवश्यक है?
उत्तर- खनिज पदार्थ समापन संसाधन है अर्थात कुछ समय के बाद यह समाप्त हो जाते हैं और इनकी पुनः पूर्ति संभव नहीं होती है खनिजों को पुनः निर्मित नहीं किया जा सकता है क्योंकि खनिजों का निर्माण दीर्घकालीन प्रक्रिया है, अतः इनका समुचित संरक्षण और प्रबंधन आवश्यक है।
प्रश्न 15 चीनी उद्योग एक मौसमी उद्योग क्यों है?
उत्तर- यह एक कृषि आधारित मौसमी उद्योग है, जिसमें कच्चा माल के रूप में गन्ने का प्रयोग किया जाता है। गन्ना वास्तव में एक बारहमासी फसल है, जिसे साल में दो बार बोया जाता है शरद काल में तथा बसंत काल में। गन्ना की कटाई के साथ ही चीनी उद्योगों को कच्चा माल प्राप्त होने लगता है और मिल का संचालन प्रारंभ होता है, परंतु साल बाकी दिनों में यह उद्योग अपनी क्षमता अनुसार कार्यशील नहीं रहता इसलिए इसे मौसमी उद्योग भी कहा जाता है।
प्रश्न 16 पेट्रो रासायनिक उद्योग के लिए कच्चा माल क्या है? इस उद्योग के कुछ उत्पादों के नाम बताइए।
उत्तर- पेट्रो रसायन उद्योगों के लिए कच्चा माल प्राकृतिक खनिज तेल के रिफाइनरी से प्राप्त उप उत्पाद है। खनिज तेल रिफाइनरियों के उप उत्पाद का कच्चे माल के रूप में उपयोग करने वाले उद्योगों को सामूहिक रूप से पेट्रोकेमिकल उद्योग कहा जाता है। पेट्रो रसायन उद्योग द्वारा उर्वरक प्लास्टिक सिंथेटिक रबड़ सिंथेटिक रेशे डिटर्जेंट कॉस्मेटिक आदि उत्पादों को तैयार किया जाता है।
प्रश्न 17 भरमौर जनजातीय क्षेत्र में संबंधित जनजातीय विकास कार्यक्रम के सामाजिक लाभ क्या है?
उत्तर-
• भरमौर जनजातीय क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की दो तहसीलें भरमौर और होली शामिल है जहां गद्दी जनजाति समुदाय का निवास है।
• पांचवी पंचवर्षीय योजना के दौरान भरमौर जनजाति क्षेत्र में संबंधित जनजातीय विकास कार्यक्रम लागू किया गया।
• समन्वित जनजातीय विकास कार्यक्रम के लागू होने से इस क्षेत्र में साक्षरता लिंगानुपात एवं आर्थिक स्तर में काफी सुधार हुआ।
• सामाजिक और आर्थिक दशा में सुधार के बावजूद गद्दी जनजाति के लोग अत्यधिक गतिशील है, ऋतु प्रवास एवं रोजगार हेतु मजदूरी के लिए आसपास के शहरों में जाते हैं।
प्रश्न 18 सूखा संभावित क्षेत्र विकास कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं क्या है?
उत्तर-
• सूखा संभावित क्षेत्र विकास कार्यक्रम की शुरुआत चौथी पंचवर्षीय योजना में हुई।
• इस कार्यक्रम का उद्देश्य सूखा प्रवण क्षेत्रों में लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाना ।
• सूखे के प्रभाव को कम करने के लिए उत्पादन के साधनों को विकसित करना।
• भूमि की उत्पादकता को बढ़ाना।
• समन्वित विकास पर जोर देना।
प्रश्न 19 भारत में वायु परिवहन के क्षेत्र में 'एयरइंडिया' तथा 'इंडियन एयरलाइंस' के योगदान की विवेचना करें।
उत्तर- वायु परिवहन का राष्ट्रीयकरण करके दो निगम एयर इंडिया लिमिटेड तथा इंडियन एयरलाइंस का गठन किया गया अब इंडियन एयरलाइंस का एयर इंडिया में विलय हो गया। यात्रियों तथा नभर यातायात दोनों के लिए अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाएं उपलब्ध कराता है। यह अपनी सेवाओं द्वारा विश्व के सभी महाद्वीपों को जोड़ता है।
प्रश्न 20 भारत में रेलतंत्र के असमान विकास क्यों है? इसके कारण स्पष्ट कीजिए |
उत्तर- भारत में असमान रेलतंत्र के विकास के कारण इस प्रकार हैं : उत्तरी मैदानों में समतल भूमि के साथ उच्च जनसंख्या घनत्व व उच्च कृषीय तथा औद्योगिक क्षेत्रों में, रेलवे के विकास के लिए अत्यधिक उपयुक्त स्थितियाँ हैं। फलस्वरुप रेलवे का विकास अधिक हुआ हैं । पर्वतीय, वन एवं बर्फीले क्षेत्रों में रेल तंत्र का विकास कम पाया जाता है।
प्रश्न 21 पृष्ठ प्रदेश के अर्थ को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर- एक बन्दरगाह के प्रभाव क्षेत्र को उसका पृष्ठ प्रदेश कहा जाता है। यह एक बन्दरगाह की भूमि की ओर विस्तृत वह भाग होता है जिसमें निर्यात की जाने वाली वस्तुओं का संग्रह होता है तथा आयात की जाने वाली वस्तुओं का वितरण होता है।
प्रश्न 22 भारत के विदेशी व्यापार की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख कीजिए |
उत्तर- भारत के विदेशी व्यापार की प्रमुख विशेषताएँ
• भारत का कुल विदेशी व्यापार निरन्तर बढ़ रहा है।
• भारत का अधिकांश विदेशी व्यापार समुद्री एवं वायु मार्गों द्वारा होता है।
• भारत में विदेशी व्यापार घाटा तेजी से बढ़ रहा है।
• विश्व व्यापार में भारत के विदेशी व्यापार का योगदान केवल 1% है।
प्रश्न 23 आधुनिक समय में पर्यावरण प्रदूषण की बढ़ती समस्या वर्तमान ही नहीं भविष्य की पीढ़ी के लिए भी एक समस्या बन रही है। स्पष्ट करे ।
उत्तर- आधुनिक समय में पर्यावरण प्रदूषण मानव के लिए एक गंभीर समस्या बन गई है। इससे पृथ्वी पर मानव जीवन खतरे में है। प्राकृतिक वातावरण पर हो रहे इस प्रदूषण का प्रभाव धीरे-धीरे इतना बढ़ता जा रहा है कि सभी मण्डल (जल, स्थल, वायु व जैव) इससे प्रभावित हो रहे हैं। जब से गाँवों, कस्बों व नगरों तथा औद्योगीकरण का विकास हुआ है तब से परिस्थिति धीरे-धीरे और भी अधिक बिगड़ने लगी है। हर प्रकार की अशुद्धियाँ वातावरण में बढ़ती जा रही है। न केवल वर्तमान बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए भी गंभीर समस्या बन रही है।
प्रश्न 24 भू-निनीकरण की प्रक्रिया के आधार पर निम्नीकृत भूमि को कितने वर्गों में रखा जा सकता है? प्रत्येक के बारे में बताइये ।
उत्तर- भू-निम्नीकरण प्रक्रिया को दो वर्गों में रखा जा सकता है:-
(क) मानवीय क्रियाओं द्वारा भू-निम्नीकरण:- इसके अन्तर्गतकृषि के अंतर्गत जमीन का अधिक दोहन, वनों को काटना, अत्यधिक चराई एवं अविवेकपूर्ण खनन कार्य व निर्माण कार्य शामिल है।
(ख) प्राकृतिक कारण द्वारा निम्नीकृत भूमि:- अवनालिका अपरदन, जलभराव, खड़ी ढाल पर अपरदन, भूस्खलन आदि ।
प्रश्न 25 पवन ऊर्जा पर संक्षिप्त टिप्पणी दें। अथवा पवन ऊर्जा पूर्ण रूपेण प्रदूषण मुक्त और ऊर्जा का असमाप्य स्रोत है। इसकी भारत में अपार संभावनाएं है। स्पष्ट करें।
उत्तर- पवन ऊर्जा प्रदूषण मुक्त ऊर्जा का असमाप्य स्रोत है। पवन की गतिज ऊर्जा को टरबाइन के माध्यम से विद्युत ऊर्जा में बदला जाता है। संभावित स्थानीय पवन, पछुआ पवन तथा मानसूनी पवनों को ऊर्जा के स्रोत के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। भारत में पवन ऊर्जा के लिए राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र तथा कर्नाटक में अनुकूल परिस्थिति विद्यमान हैं। गुजरात के कच्छ में लाम्बा का पवन ऊर्जा संयंत्र एशिया का सबसे बड़ा संयंत्र है। तमिलनाडु के तूतीकोरिन में भी पवन ऊर्जा का एक अन्य संयंत्र है।
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