बिहार बोर्ड 10वी नागरिक शास्त्र परीक्षा 2023 : Top 50 महत्वपूर्ण सब्जेक्टिव प्रश्न उत्तर के साथ; रटलो परीक्षा से पहले
बिहार बोर्ड 10वी नागरिक शास्त्र परीक्षा 2023 : Top 50 महत्वपूर्ण सब्जेक्टिव प्रश्न उत्तर के साथ; रटलो परीक्षा से पहले
यहां बिहार बोर्ड 10वी सामाजिक विज्ञान (नागरिक शास्त्र) परीक्षा 2023 के लिए Top 50 महत्वपूर्ण सब्जेक्टिव प्रश्न उत्तर के साथ दिए गए है
इसमें शिक्षकों द्वारा चयनित शीर्ष 50 महत्वपूर्ण सब्जेक्टिव प्रश्न दिए गए हैं जिनके साथ उत्तर भी शामिल हैं। यह एक गाइड है जो बिहार बोर्ड कक्षा 10 के छात्रों को परीक्षा से पहले उन प्रश्नों को मदद करेगा जो परीक्षा में हर साल पूछे जाते है।
आप नीचे दिए गए महत्वपूर्ण प्रश्न को अच्छी तरह से पढ़ सकते है। अब आपकी परीक्षा में कुछ ही घंटे बचे है, जिससे सामाजिक विज्ञान (नागरिक शास्त्र) के पेपर की तैयारी कर सकते हैं और अच्छे मार्क्स ला सकते हैं।
सामाजिक विज्ञान (नागरिक शास्त्र)
1. हर सामाजिक विभिन्नता सामाजिक विभाजन का रूप नहीं लेती। कैसे ?
उत्तर :- कोई आवश्यकता नहीं की सभी सामाजिक विभिन्नता सामाजिक विभाजन का आधार होता है, विभिन्न समुदायों के विचार भिन्न-भिन्न हो सकते है किन्तु उनका हित समान होगा।
जैसे :-मुंबई में मराठियों के हिंसा का शिकार व्यक्तियों की जातियाँ भिन्न थी, धर्म भिन्न होंगे, लिंग भिन्न हो सकता है, लेकिन उनका क्षेत्र एक ही था। वे सभी एक ही क्षेत्र के उत्तर भारतीय थे। उनका हित समान था और वे अपने व्यवसाय और पेशा में संलग्न थे। इस कारण सामजिक विभिन्नता सामाजिक विभाजन का रूप नहीं ले पाता ।
2. सामाजिक अंतर कब और कैसे सामाजिक विभाजनों का रूप ले लेते है ?
उत्तर :- सामजिक विभाजन तब होता है, जब कुछ सामाजिक अंतर दूसरी अनेक विभिन्नताओं से बड़े हो जाते है। सवर्णों एवं दलितों का अंतर एक सामाजिक विभाजन है, क्योकि दलित सम्पूर्ण देश में आमतौर पर गरीब,वंचित,एवं बेघर है और भेदभाव के शिकार है जबकि सवर्ण आमतौर पर संपन्न एवं सुविधायुक्त है आठ दलितों को महसूस होने लगता है की वे औरों से भिन्न है। अतः जब एक तरह का सामाजिक अंतर अन्य अंतरों से ज्यादा महत्वपूर्ण बन जाता है तो सामाजिक विभाजन की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
3. सामाजिक विभाजनों की राजनीती का परिणाम किन-किन चीजों पर निर्भर करता है ?
उत्तर :- सामाजिक विभाजनों की राजनीति का परिणाम निम्न चीजों पर निर्भर करता है।
i. लोग अपनी पहचान स्व-अस्तित्व तक ही सिमित रखना चाहते है क्योकि प्रत्येक मनुष्य में राष्ट्रीय चेतना के अलावा उपराष्ट्रीय या स्थानीय चेतना भी होते है। कोई एक चेतना बाकी चेतनाओं की कीमत पर उग्र होने लगती है तो समाज में असंतुलन पैदा हो जाता है।
ii. दूसरा महत्वपूर्ण तत्व है की किसी समुदाय या क्षेत्र विशेष की माँगो को राजनीति दाल कैसे उठा रहे है। सविंधान के दायरे में आनेवाली और दूसरे समुदाय को नुकसान न पहुँचाने वाली माँगो को मान ले आसान है
iii. सामाजिक विभाजन की राजनीति का परिणाम सरकार के रूप पर भी निर्भर करता है। यह भी महत्वपूर्ण है की सरकार इन माँगो पर क्या प्रतिक्रियाँ व्यक्त करते है।
4. भारत में किस तरह जातिगत असमानताएँ जारी है ? स्पष्ट करें।
उत्तर :- दुनिया भर के सभी समाज में सामाजिक असमानताएँ और श्रम विभाजन पर आधारित समुदाय विधमान है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। पेशे पर आधारित सामुदायिक व्यवस्था ही जाति कहलाती है। यह व्यवस्था जब स्थायी हो जाता है तो श्रम विभाजन का अतिवादी रूप कहलाता है, जिसे हम जाती के नाम से पुकारने लगते है। अर्थात, समाज में दूसरे समुदाय से भिन्न हो जाता है। इनकी पहचान एक अलग समुदाय के रूप में होता है और इस समुदाय के सभी व्यक्तियों की एक या मिलती-जुलती पेशा होती है।
5. क्यों सिर्फ जाती के आधार पर भारत में चुनावी नतीजे तय नहीं हो सकते ? इसके दो कारण बतावें ।
उत्तर :- भारत में सिर्फ जाती के आधार पर चुनावी नतीजे तय नहीं हो सकते, इनके दो कारण निम्नलिखित है :-
i. किसी भी निर्वाचन क्षेत्र का गठन इस प्रकार नहीं किया गया है की उसमें मात्र एक जाति के मतदाता रहें । ऐसा हो सकता है की एक जाति के मतदाता की संख्या अधिक हो सकती, परन्तु दूसरी जाति के भी निर्णायक भूमिका निभाते है। इसीलिए हर पार्टी एक या एक से अधिक जाति के लोगों का भरोसा हासिल करना चाहता है।
ii. यह भी कहना ठीक नहीं है की कोई पार्टी विशेष केवल एक ही जाति का वोट हासिल कर सकता है। जब लोग किसी जाति विशेष को किसी एक पार्टी का वोट बैंक कहते है तो इसका आशय यह होता है की उस जाति के ज्यादातर लोग उसी पार्टी को वोट देते है।
6. राजनितिक दलों के प्रमुख चुनौतियाँ क्या है ?
उत्तर :- राजनितिक दल के प्रमुख चुनौतियाँ निम्नलिखित है :-
i. जातिवाद
ii. परिवारवाद
iii. राजनितिक में काले धन एक अपराधियों का बढ़ता प्रभाव
iv. अवसरवादी गठबंधन
v. राजनितिक में युवाओं एवं महिलाओं की भागीदारी कम होना
vi. आंतरिक लोकतंत्र की कमी
7. किन्ही दो प्रावधानों का जिक्र करें जो भारत को धर्मनिरपेक्ष देश बनाता है ?
उत्तर :- हमारे सविंधान में धर्मनिरपेक्ष समाज की स्थापना हेतु अनेक प्रावधान किये गए है :-
i. हमारे देश में किसी भी धर्म को राजकीय धर्म के रूप में स्वीकार नहीं किया गया है।
ii. संविधान में हर नागरिक को यह स्वतंत्रता दी गई है की वह अपने विश्वास से किसी धर्म को अपना सकता है।
8. संघ राज्य का अर्थ बताएं।
उत्तर :- संघ राज्य का अर्थ है -सत्ता का उर्ध्वाधर वितरण ।
इस तरह के राज्य के लिए पूरे देश की एक सरकार - केंद्रीय सरकार होती है और राज्य या प्रांतों के लिए अलग-अलग। केंद्र और राज्यों के बीच संविधान में उल्लेखित सत्ता या शक्ति का स्पष्ट बँटबारा रहता है। राज्यों के नीचे भी सत्ता के साझेदार रहते है, उन्हें स्थानीय स्वशासन कहते है। सत्ता के इसी बँटबारे को संघ राज्य या संघवाद कहते है।
9. संघीय शासन की दो विशेषताएँ बताएँ ।
उत्तर :- संघीय शासन की दो विशेषताएँ निम्नलिखित है-
i. भारतीय संविधान में दो तरह की सरकारों की व्यवस्था की गई है - एक संपूर्ण राष्ट्र के लिए केंद्रीय सरकार और दूसरी प्रत्येक प्रांतीय या राज्य के लिए सरकार जिसे हम राज्य सरकार कहते है।
ii. संविधान में स्पष्ट रूप से केंद्र और राज्य सरकार के कार्य क्षेत्र और अधिकार को बाँटा गया है।
10. सत्ता की साझेदारी से आप क्या समझते है ?
उत्तर :- सत्ता की साझेदारी एक ऐसी कुशल राजनितिक पद्धति है, जिसके द्वारा समाज के सभी वर्गों को देश की शासन प्रक्रिया में भागीदारी बनाया जाता है ताकि कोई भी वर्ग यह महसुस न करें की उसकी अवहेलना हो रही है। वास्तव में, सत्ता की भागीदारी लोकतंत्र का मूलमंत्र है। जिस देश ने सत्ता की साझेदारी को अपनाया वहाँ गृहयुद्ध की संभावना समाप्त हो जाती है।
सरकार के तीनों अंगों में विधायिका, कार्यपलिका तथा न्यायपालिका में भी सत्ता की भागीदारी को अपनाया जाता है। इस प्रकार केंद्रीय सरकार और राज्य सरकारों में भी सत्ता की भागीदारी के सिद्धांत पर शक्ति का बँटवारा कर दिया जाता है।
11. सत्ता मे साझेदारी की कार्यप्रणाली से आप क्या समझते है ?
उत्तर :- लोकतंत्र में व्यापारी, उद्योगपति, किसान, शिक्षक, औद्योगिक मजदुर जैसे संगठित समूह सरकार के विभिन्न समितियों में प्रतिनिधि बनकर सत्ता में भागीदारी करते है, या अपने हितों के लिए सरकार पर अप्रत्यक्ष रूप से दबाव डालते है। ऐसे विभिन्न समूह जब सक्रिय हो जाते है, तब किसी एक समूह का समाज के ऊपर प्रभुत्व कायम नहीं हो पाता। यदि कोई एक समूह सरकार के ऊपर अपने हित के लिए दबाव डालता है तो दूसरा समूह उसके विरोध में दबाब बनाता है की नीतियाँ इस प्रकार न बनाई जाएँ। इस प्रक्रिया को सत्ता में साझेदारी की कार्यप्रणाली कहते है ।
12. राजनैतिक दल किस तरह से सत्ता में साझेदारी करते हैं ?
उत्तर :- राजनीतिक दल लोगों के ऐसे संगठित समूह है जो चुनाव लड़ने और राजनैतिक सत्ता हासिल करने के उद्देश्य से काम करते है। उनकी आपसी प्रतिद्वद्विता यह निश्चित करती है की सत्ता हमेशा किसी एक व्यक्ति या संगठित समूह के हाथ में न रहे।
जैसे:-सत्ता की साझेदारी का सबसे अद्यतन रूप गठबंधन की राजनीती या गठबंधन की सरकारों में दिखा है,जब विभिन्न विचारधाराओं, विभिन्न सामाजिक समूहों और विभिन्न क्षेत्रीय और स्थानीय हितों वाले राजनीतिक दल एक साथ एक समय में सरकार के एक स्तर पर सत्ता में साझेदारी करते है।
13. राजनितिक दलों के प्रभावशाली बनाने का कोई चारा उपाय बताएं ।
उत्तर :- i. न्यायपालिका के आदेश का पालन होना चाहिए।
ii. दल बदल कानून लागु होना चाहिए ।
iii. राजनितिक में युवाओं एवं महिलाओं का उचित भागीदारी होना चाहिए।
iv. राजनितिक में धन बल का प्रयोग पर रोक लगनी चाहिए ।
14. बिहार में हुए 'छात्र आंदोलन' के प्रमुख कारण क्या थे ?
उत्तर :- मार्च 1974 के दौरान प्रदेश में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, मूल्यों में अप्रत्याशित वृद्धि एवं खाद्यान्न की कमी के चलते बिहार के छात्रों ने अपनी सरकार के विरोध में आंदोलन छेड़ दिया। छात्रों ने जयप्रकाश नारायण को इस आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए आमंत्रित किया। जयप्रकाश जी इस आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए राजी हो गए, बशर्ते यह आंदोलन अहिंसक हो और यह अपने बिहार तक ही सिमित नहीं रखें। इस प्रकार बिहार का छात्र आंदोलन ने एक राजनितिक स्वरुप ग्रहण किया। जयप्रकाश जी के निवेदन पर जीवन के प्रत्येक क्षेत्र से संबंधित लोग इस आंदोलन में कूद पड़े। जयप्रकाश जी ने भारत की कॉग्रेस सरकार को बर्खास्त करने की मांग कर सामजिक, आर्थिक एवं राजनितिक क्षेत्र में सम्पूर्ण क्रांति का आवाह्न किया जिसका उद्देश्य भारत में सच्चे लोकतंत्र की स्थापना था। यह आंदोलन काफी सफल भी हुआ। पुरे उत्तर भारत में कॉंग्रेस का खाता भी नहीं खुला एवं स्वयं प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी अपना सीट व बैठी। केंद्र में पहली बार गैर कॉग्रेसी सरकार का गठन हुया ।
15. 'चिपको आंदोलन' का मुख्य उद्देश्य क्या थे ?
उत्तर :- चिपको आंदोलन का मुख्य उद्देश्य कृषि उपकरण बनाने हेतु अंगु के कुछ वृक्षों की प्राप्ति की प्रार्थना पर सरकार द्वारा ध्यान नहीं देना, उल्टे उसे व्यावसायिक कार्य हेतु नीलाम कर देना । इस कारण किसानों के इस आंदोलन का प्रारंभ उत्तराखंड के कुछ गाँवों से हुआ था जो बाद में पुरे राज्य में फ़ैल गया और किसी भी पेड़ को काटने से रोका जाने लगा।
16. भारतीय किसान यूनियन की मुख्य मांगें क्या थी ?
उत्तर :- भारतीय किसान यूनियन, किसानों के हित में आवाज उठाने वाली एक समाजिक संगठन था। इसके नेता महेंद्र सिंह टिकैत थे।
भारतीय किसान यूनियन की मुख्य मांगे निम्नलिखित थी:-
i. गन्ने तथा गेंहू की उचित मूल्य की माँग।
ii. किसानों के लिए पेंशन का व्यवस्था करना ।
iii. बिजली की दर की कम करना ।
iv. किसानों का कर्ज माफ़ करना ।
v. कृषि उत्पादों को एक राज्य से दूसरे राज्य लाने या ले जाने पर लगी पाबंदी को हटाने की मांग ।
17. सूचना के अधिकार आंदोलन के मुख्य उद्देश्य क्या थे ?
उत्तर :- वर्षों के संघर्ष के बाद जून 2005 में भारत में सुचना के अधिकार कानून लागु किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य सरकारी दस्तवेजों को सार्वजनिक करना था। यह कानून लागु होने से आम जनता को अधिकार प्राप्त हुआ। वे कोई सुचना प्राप्त कर सकते है।
18. दलबदल कानून क्या है ?
उत्तर :- विधायकों और सांसदों के दल-बदल को रोकने के लिए संविधान में संशोधन कर कानून बनाया गया है, जिसे दल-बदल कानून कहा जाता है।
19. राष्ट्रीय राजनीतिक दल किसे कहते है ?
उत्तर :- वैसा राजनीतिक दल जिसका अस्तित्व पुरे देश में होता है। और जिसका निति एवं कार्यक्रम का निर्धारण राष्ट्रीय स्तर पर होता है वैसे राजनितिक दल को राष्ट्रीय राजनीतिक दल कहते है।
जैसे :- भाजपा कॉंग्रेस
20. राजनीतिक दल को 'लोकतंत्र का प्राण' क्यों कहा जाता है ?
उत्तर :- लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में रजनीतिक दल का अहम् भूमिका होती है। लोकतंत्र रूपी गाड़ी का राजनीतिक दल मशीन का काम करता है। दूसरे शब्दों में जो महत्व मानव शरीर में फेफड़ा का है वही महत्व लोकतंत्र में राजनितिक दल का है इसी आधार पर राजनीतिक दल को लोकतंत्र का प्राण कहा जाता है। लोकतंत्र में राजनीतिक दल के द्वारा ही देश का शासन संचालित किया जाता है। जिस दल को जनता का स्पष्ट बहुम मिलता है वह सत्ता रूढ़ दल कहलाता है। सत्ता रूढ़ दल ही देश में शासन चलाते है। वही विपक्षी दल सरकार के गलत नीतियों का विरोध करती है तथा सत्ता रूढ़ दल को तानाशाह होने से रोकती है।
21. राजनीती दलों के प्रमुख कार्य बताएँ ।
उत्तर :- लोकतंत्र शासन व्यवस्था में राजनीतिक दल का अहम् भूमिका होती है। इसके प्रमुख कार्य निम्नलिखित है :-
i. जनमत का निर्माण करना :- जनमत लोकतंत्र का आधारशिला है। सत्ता प्राप्ति के लिए जनमत को अपना करना चाहता है इसके लिए जन सभाएँ, रेडियो, टेलीविजन, समचार पत्र आदि के द्वारा अपने पार्टी को प्रचार करता है।
ii. निति एवं कार्यक्रम तैयार करना :- प्रत्येक राजनीतिक दल अपने-अपने पार्टी के लिए निति एवं कार्यक्रम तैयार करते है इसे निति एवं कार्यक्रम के तहत जनता के बीच जाती है तथा जनता का समर्थन प्राप्त करना चाहती है।
iii. शासन का संचालन करना :- देश का शासन का संचालन करना राजनीतिक दल का सबसे महत्वपूर्ण कार्य है । सत्तारूढ़ दल देश का शासन चलाते है वही विपक्षी दल सरकार के गलत नीतियों का विरोध करती है।
22. राजनितिक दल राष्ट्रीय विकास में किस प्रकार योगदान करते है।
उत्तर :- किसी भी देश के राष्ट्रीय विकास में राजनीतिक दल का महत्वपूर्ण भूमिका होती है। दरअसल राष्ट्रीय विकास के लिए जनता की जागरूक समाज एवं राज्य में एकता होना आवश्यक है। ये सभी कार्य राजनितिक दल के द्वारा ही किया जा सकता है। अतः हम कह सकते है की देश राष्ट्रीय विकास में राजनितिक दल सहायक होती है।
23. लोकतंत्र जनता का जनता के द्वारा तथा जनता के लिए शासन है। कैसे ?
उत्तर :- अमेरिका के भूत पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने लोकतंत्र को प्रभावित करते हुए कहा की 'लोकतंत्र जनता का जनता के लिए जनता के द्वारा संचालित सरकार है।
24. केंद्र और राज्य सरकारों के बीच आपसी टकराव से लोकतंत्र कैसे प्रभावित होता है ?
उत्तर :- देश के विकाश के लिए केंद्र तथा राज्य सरकार के बिच आपसी भाईचारा होना बहुत जरुरी है।
क्योकि केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच तालमेल नहीं होने के कारण देश की विकाश अवरुद्ध हो जाएगी। अतः हम कह सकते है केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार के बीच आपसी टकराव से लोकतंत्र प्रभावित हो जाता है।
25. परिवारवाद क्या है ?
उत्तर :- परिवारवाद की राजनितिक लोकतंत्र को प्रभावित करता है। परन्तु आये दिन सभी राजनितिक पार्टीयाँ परिवारवाद को अपना रहे है। अपने परिवार तथा सगे-सम्बन्धियों को चुनावी मैदान में उतार कर राजनितिक लाभ पहुंचाना परिवारवाद कहलाता है।
26. आर्थिक अपराध का अर्थ स्पष्ट करें।
उत्तर :- विदेशी मुद्रा का अवैध आगमन, भारतीयों के द्वारा विदेशों में जमा किये गये काला धन देश में व्यापत भ्रष्टाचार | ये सभी आर्थिक अपराध के अंतर्गत आते है।
27. सुचना को अधिकार का कानून लोकतंत्र का रखवाला है, कैसे ?
उत्तर :- वर्षों के संघर्ष के बाद जून 2005 में भारत में सुचना के अधिकार कानून लागु किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य सरकारी दस्तवेजों को सार्वजनिक करना था। यह कानून लागु होने से आम जनता को अधिकार प्राप्त हुआ। वे कोई सुचना प्राप्त कर सकते है।
अतः हम कह सकते है की सुचना का अधिकार कानून लोकतंत्र का रखवाला है।
28. गैर- लोकतंत्र सरकार कहते है ?
उत्तर :- जिस सरकार के गठन में जनता की भागीदारी नहीं होती है, उसे गैर-लोकतांत्रिक सरकार कहते है।
29. आतंकवाद लोकतंत्र की चुनौती है। कैसे ?
उत्तर :- आतंकवाद निश्चय ही लोकतंत्र के लिए चुनौती है। किसी भी देश के लिए आतंकवाद एक बड़ा अभिशाप है। यह विकास कार्य में बहुत बड़ी बाधा है। लोकतंत्र और आतंकवाद दोनों ही एक साथ नहीं चल सकते। लोकतंत्र एक स्थिर शासन की पहचान है जबकि आतंकवाद अस्थिर शासन का । आतंकवाद कब, कहाँ,क्या कर दे, इसका कोई भरोसा नहीं। ऐसा नहीं है की भारत ही आतंकवाद से ग्रसित है, बड़े-बड़े देश इससे परेशान है। जैसे :- अमेरिका, दुनिया का शक्तिशाली देश होने के बाद भी इससे परेशान है। यह बात और है की आतंकवाद की शुरुआत इन्ही सब देशों के द्वारा हुई है। इस प्रकार, आतंकवाद की समस्या भी लोकतंत्र के लिए चुनौती है, क्योकि इससे देश की एकता और खंडता खतरे में पड़ जाती है।
30. श्रम के लैंगिक विभाजन से आप क्या समझते है ?
उत्तर :- काम के आधार पर स्त्री और पुरुष के बीच समाज में जो विभाजन किया गया है, इसे ही श्रम के लैंगिक विभाजन कहा जाता है।
जैसे:- घर के अंदर का काम महिलाओं का तथा बाहर का काम पुरुषों का होता है।
31. सांप्रदायिकता का परिभाषा दें।
उत्तर :- सांप्रदायिकता एक संकुचित मनोवृति है जिसे एक धर्म के लोग अपने धर्म को उच्च मानते दूसरे धर्म को निच मानते है, वही भावना सांप्रदायिकता कहलाता है।
32. वर्ण-व्यवस्था से आप क्या समझते है ?
उत्तर :- वर्ण-व्यवस्था जातिगत समुदाय का बड़ा वर्ग है। इस वर्ग में कई जातियाँ समाहित है। अर्थात,वर्ण- व्यवस्था जाति समूहों का पदानुक्रम व्यवस्था है, जिसमें एक जाती के लोग सामाजिक पायदान में सबसे ऊपर रहेंगे तो किसी अन्य जाति समूह के लोग क्रमागत के क्रम से होंगे ।
जैसे :- हिन्दुओं में वर्ण व्यवस्था का व्यवस्थित स्वरुप है, जिसमे ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य तथा शूद्र का क्रमानुसार व्यवस्था है।
33. भ्रूण हत्या काण्ड क्या है ?
उत्तर :- वर्तमान समय विज्ञान का है। वैज्ञानिक यंत्र की सहायता से माँ के गर्व में पल रहे बच्चे का लिंग का निर्धारण गर्व में ही कर लिया जाता है और लड़की होने की स्थिति में उसे गर्व में ही हत्या कर दी जाती है, उसे भ्रूण हत्या काण्ड कहा जाता है जो समाज में एक अपराध है।
34. ग्राम पंचायत पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।
उत्तर :- भारत में सर्वपर्थम ग्राम पंचायत का शुरुआत वलवंत राय मेहता समिति के अनुसंसा पर 2 अक्टूबर 1959 को राजस्थान के नगौर जिले से किया गया। ग्राम पंचायत का सपना महात्मा गाँधी का था। बिहार में त्रि-स्तरीय पंचायती राज्य व्यवस्था लागु है। 7000 की आबादी पर एक ग्राम पंचायत तथा 500 की आबादी पर एक वार्ड बनाया जाता है। ग्राम पंचायत के प्रधान मुखिया तथा सचिव ग्राम सेवक होते है। ग्राम पंचायत का कार्यकाल पांच वर्षों का होता है।
बिहार पंचायती राज्य अधिनियम 2006 तहत कुल सीटों का 50 प्रतिशत महिलाओं के लिए रिज़र्व कर दिया गया है।
35. दलित पैंथर्स पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।
उत्तर :- दलित पैंथर्स एक सामाजिक संगठन था। जिसका स्थापना 1972 में महाराष्ट्र के दलित युवाओं के द्वारा किया गया था। महाराष्ट्र में दलितों के साथ भेद-भाव तथा छुया - छूत व्यवहार का भावना रखा था। छोटी-मोटी जातिगत प्रतिष्ठा को लेकर इनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता था। इसी दुर्व्यवहार एवं अत्याचार से लड़ने के लिए महाराष्ट्र के दलित युवाओं ने एक सामाजिक संगठन के रूप में दलित पैंथर्स का गठन किया गया था।
36. राजनितिक दल का परिभाषा दे।
उत्तर :- व्यक्तियों के संगठित समूह को दल कहा जाता है। और उस दल का उद्देश्य रजनीतिक क्रियाकलापों से सबंधित होता है तो उसे राजनितिक दल कहा जाता है।
जैसे :- भाजपा, कॉग्रेस, राजद, जदयू आदि
37. राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनितिक दलों की मान्यता कौन प्रदान करते है और इसके मापदंड क्या है?
उत्तर :- राष्ट्रीय राजनीतिक दल की मान्यता प्राप्त करने के लिए राजनितिक दलों को लोकसभा या विधानसभा के चुनावों में 4 या अधिक राज्यों द्वारा कुल डाले गए वैध मतों का 6 प्रतिशत प्राप्त करने के साथ किसी राज्य या राज्य से लोकसभा की कम से कम 4 सीटों पर विजयी होना आवश्यक है या लोकसभा में कम से कम 2 प्रतिशत सीटें अर्थात 11 सीटें जितना आवश्यक जो कम से कम तीन राज्यों से होनी चाहिए। इसी तरह राज्य स्तरीय राजनितिक दल की मान्यता प्राप्त करने के लिए उस दल को लोकसभा के चुनावों में डाले गए वैध मतों का कम से कम 6 प्रतिशत मत प्राप्त करने के साथ-साथ राज्य विधानसभा की कम से कम 3 प्रतिशत या 3 सीटें जीतना आवश्यक है।
38. पंचायत समिति का गठन कैसे होता है ?
उत्तर :- पंचायत समिति, पंचायती राज व्यवस्था का दूसरा एवं मध्य स्तर है। वास्तव में यह ग्राम पंचायत और जिला परिषद् के बीच की कड़ी है। बिहार में 5000 की आबादी पर पंचायत समिति के सदस्य चुने प्रवधान है। इसके अतिरिक्त पंचायत समिति के क्षेत्र के अंदर आनेवाली समिति के प्रमुख का चुनाव अप्रत्यक्ष रीती से किया जाता है। प्रमुख अथवा उपप्रमुख के उम्मीदवार प्रत्यक्ष निर्वाचित सदस्यों में से होते है तथा उन्ही के मतों से बनाये जाते है। प्रमुख पंचायत समिति का प्रधान अधिकारी होता है। वह समिति की बैठक बुलाता है और उसकी अध्यक्षता करता है। वह पंचायत समिति के कार्यो की जाँच-पड़ताल करता है और प्रखंड विकास पदाधिकारी समिति का पदेन सचिव होता है। और वह पंचायतों का निरिक्षण करता है और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों का संपादन करता है।
39. गुप्त मतदान क्या है ?
उत्तर :- भारतीय संविधान में अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए गुप्त मतदान की व्यवस्था है। देश का प्रत्येक 18 वर्ष के ऊपर की आयु के मताधिकार प्राप्त प्रत्येक व्यक्ति को अपना मतदान, मतपत्र अथवा ई०वि०एम० मशीन द्वारा गुप्त ढंग से करना है। मतदाता अपनी पसंद के अनुसार योग्य उम्मीदवार के पक्ष में उस प्रत्याशी के नाम के आगे निशान लगाकर अथवा मशीन का बटन दबाकर गुप्त ढंग से अपना मतदान करता है। और इसी को गुप्त मतदान कहते है।
40. दल-बदल क्या है ?
उत्तर :- यदि कोई सांसद या विधायक उस दल से अपना संबंध विच्छेद करता है जिसके टिकट पर वह विधायक में निर्वाचित हुआ है और दूसरे दल में जाता है तो इसे दल-बदल कहा जाता है।
41. एक लोकतांत्रिक सरकार की मुख्य विषेशताओं को बताएं।
उत्तर :- लोकतांत्रिक सरकार की मुख्य विषेशताएँ निम्न है :-
i. जनता द्वारा चुने हुए प्रतिनिधी ही शासन चलाते है।
ii. चुनाव नियमित निष्पक्ष और स्वतंत्र होते है।
iii. वयस्क मताधिकार नियमों के अनुसार सभी लोग अपने मत का प्रयोग करते है।
iv. चुनी हुई सरकार संविधान द्वारा निर्मित बुनियादी कानूनों और नागरिक अधिकारों की सीमा में रहते हुए काम करते है।
42. लोकतंत्र सभी शासन व्यवस्थाओं से बेहतर है, कैसे ?
उत्तर :- लोकतंत्र सभी शासन व्यवस्थओं से इसलिए बेहतर है क्योकि यह ऐसी व्यवस्था है, जिसमें सभी नागरिकों को समान अवसर प्राप्त होता है, संविधान के द्वारा व्यक्ति की स्वतंत्रता एवं गरिमा को सुनिश्चित किया जाता है। लोकतंत्र में आपसी विभेद और टकराव एक तो कम हो जाता है और अगर कहीं होता है तो गुण-दोष के आधार पर सुधार की निरंतर सम्भवनाएँ लोगों को एक दूसरे के करीब लती है।
लोकतंत्र में फैसले किसी एक व्यक्ति द्वारा नहीं, बल्कि निर्वाचित व्यक्तियों के समूह द्वारा लिए जाते है।
अतः यह स्पष्ट है की लोकतंत्र सभी शासन व्यवस्थाओं से बेहतर है।
43. बधुआ मजदूर किसे कहते है ?
उत्तर :- बंधुआ मजदुर का अर्थ होता है ऐसे मजदुर जिन्हे अपने निजी कार्यों अथवा कृषि कार्य करवाने के लिए एक प्रकार से बंधक बनाकर रखना। एक प्रकार से ऐसे मजदुर को गुलाम के रूप में रखें जाते है।
बंधुआ का अर्थ होता है बंधक बनाकर रखना। जमींदार एवं पूंजीपति वर्ग के लोग असहाय, गरीब पुरुष एवं महिलाओं को अपने कार्य में रात-दिन लगाए रहते थे।
44. तानाशाही सरकार किसे कहते है ?
उत्तर :- जब एक व्यक्ति अथवा कुछ व्यक्तियों का शासन होता है, जिनके पास देश की संपूर्ण सत्ता होती है और जनाकांक्षाओं का ध्यान न रखकर सत्ता अपने बल से तथा क्रूरतापूर्वक हासिल किया गया हो एवं संचालित हो।
45. नर्मदा बचाओ आंदोलन का उद्देश्य क्या था ?
उत्तर :- नर्मदा बचाओ आंदोलन का उदेश्य था की थोड़े से लोगों के लाभ के लिए बहुतों को न उजाड़ा जाये।
बाद में,आंदोलन ने बड़े बांधों के निर्माण का खुल्लम-खुल्ला विरोध शुरू कर दिया। 2003 में स्वीकृत राष्ट्रीय पुर्नवास नीति नर्मदा बचाओ जैसे आंदोलन की ही उपलब्धि थी। नर्मदा बचाओ आंदोलन मेधा पाटेकर के नेतृत्व में हुआ।
46. ताड़ी - विरोधी आंदोलन क्या था ?
उत्तर :- ताड़ी विरोधी आंदोलन आंध्र प्रदेश की महिलाओं द्वारा चलाया गया। ग्रामीण महिलाएं पुरषों द्वारा ताड़ी सेवन को रोककर घर में खुशहाली लाना चाहती थी। पुरुष जो कमाते थे, वे सारी कमाई ताड़ी पर खर्च कर देते थे। कभी-कभी वे नशे के कारण काम पर भी नहीं जाया करते थे। इससे घरों की हालत बिगड़ने लगी। बच्चों की शिक्षा पर असर पड़ा, घर में खाने के लिए लाले पड़ने लगे। तब महिलाओं ने ताड़ी और शराब का विरोध करना प्रारंभ किया। यह आंदोलन धीरे-धीरे पुरे प्रदेश में फ़ैल गया।
47. ग्राम पंचायत के प्रमुख अंगों का वर्णन करें।
उत्तर :- ग्राम पंचायत के प्रमुख निम्नलिखित है :-
i. ग्राम सभा :-यह पंचायत की व्यवस्थापिका सभा है। ग्राम पंचायत क्षेत्र में रहने वाले सभी व्यस्क स्त्री-पुरुष जो 18 वर्ष के उम्र के है ग्राम सभा के सदस्य होते है।
ii. मुखिया :- मुखिया ग्राम सभा की बैठक बुलाता है और उनकी अध्यक्षता करता है।
iii. ग्राम रक्षा दल :-यह गावं की पुलिस व्यवस्था है। इसमें 18 से 30 वर्ष के आयु वाले युवक शामिल हो सकते हैं।
iv. ग्राम कचहरी :- यह ग्राम पंचायत की अदालत है जिसे न्यायिक कार्य दिए गए है।
48. नगर परिषद् के अनिवार्य कार्यों को लिखें।
उत्तर :- नगर परिषद् के अनिवार्य कार्य निम्न है :-
i. नगर की सफाई करना
ii. सड़को एवं गलियों में रोशनी का प्रबंध करना
iii. पीने के पानी की व्यवस्था करना
iv. सड़क बनाना तथा उसकी मरम्मत करना
v. नालियों की सफाई करना
vi. आग से सुरक्षा करना
vii. श्मशान घाट का प्रबंध करना
viii. मनुष्यों एवं पशुओं के लिए अस्पताल खोलना, आदि ।
49. नगर निगम के प्रमुख कार्य को लिखें।
उत्तर :- नगर निगम के प्रमुख कार्य निम्नलिखित है :-
i. पीने के पानी का प्रबंध करना
ii. आग बुझाने का प्रबंध करना
iii. मनोरंजन गृह का प्रबंध करना
iv. जन्म, मृत्यु का पंजीकरण का प्रबंध करना
v. नये बाजारों का निर्माण करना
vi. नगर में बस आदि चलवाना
vii. कूड़ा-कर्कट तथा गंदगी की सफाई करना
viii. गलियों,पुलों एवं उद्यानों की सफाई एवं निर्माण करना, आदि
50. विकेन्द्रीकरण से आप क्या समझते है ?
उत्तर :- जब केंद्र और राज्य सरकार से शक्तियां लेकर स्थानीय सरकारों को दी जाती है तो इसे सत्ता का विकेन्द्रीकरण कहते है।
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